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ब्रह्मोस: निशांत अग्रवाल के बाद अब डीआरडीओ के दो और वैज्ञानिकों पर एटीएस का शिकंजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:50 PM IST
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उत्तर प्रदेश आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) और मिलिट्री इंटेलीजेंस ने हनीट्रैप के मामले में नागपुर से डीआरडीओ के सीनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अब दो और वैज्ञानिकों से पूछताछ की गई है। बातचीत में खुलासा हुआ है कि काजल नाम से फेसबुक पर एक्टिव आईएसआई की महिला एजेंट ने इनके जरिए देश की रक्षा संस्थानों में सेंध लगाई है।
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सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने पाकिस्तान की उन महिला आईएसआई एजेंट की पहचान की है जो फेसबुक पर अलग-अलग नाम से सक्रिय हैं। काजल नाम के एक ऐसे फेसबुक प्रोफाइल के बारे में पता चला है जो फेसबुक पर 15 से 20 प्रोफइल पर अलग-अलग नाम से सक्रिय है।
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हनीट्रैप का मामला सामने आने के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजर आईएसआई के ऐसी ही एक हजार से ज्यादा फेसबुक प्रोफाइल पर है जिसके जरिए भारतीय सेना और रक्षा संगठनों से जुड़े लोगों को अपनी जाल में फंसाने की कोशिश की जाती है।
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बता दें कि कि इससे पहले आरोपी इंजीनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है।। उसे आज नागपुर की सत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उसे तीन दिनों की ट्रांजिंट रिमांड पर यूपी एटीएस को सौंप दिया है। उसे सोमवार को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इंजीनियर पर आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट में काम करते हुए मिसाइल से संबंधी तकनीकी और अन्य खुफिया जानकारियां पाकिस्तान और अमेरिका को पहुंचाई हैं। निशांत अग्रवाल नाम का यह शख्स ब्रह्मोस की नागपुर यूनिट में काम करता था। एटीएस फिलहाल इस शख्स से पूछताछ कर रही है और इसके बारे में और जानकारियां जुटा रही थी। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही थी कि इससे पहले उसने कौन-कौन सी सूचनाएं दुश्मन देश पाकिस्तान और अमेरिका तक पहुंचाई हैं।
निशांत की गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया था कि निशांत अग्रवाल के निजी कंप्यूटर से बहुत संवेदनशील सूचनाएं मिली थीं। उन्होंने कहा कि वह फेसबुक पर फेक आईडी द्वारा पाकिस्तान की आईडी से चैटिंग करता था। लड़कियों की फेक आईडी से संपर्क किया गया है। इस मामले में कई और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। यही नहीं निशांत के घर पर भी यूपीएटीएस ने छापेमारी की थी।
निशांत पर पिछले काफी दिनों से एटीएस को शक था आखिरकार इसे सोमवार को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि नागपुर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस है जहां भारत और रूस की मदद से ब्रह्मोस का निर्माण किया जाता है। कथित एजेंट को उत्तर प्रदेश एटीएस और सैन्य खुफिया अधिकारियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि उसे ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़ा गया था।
इंजीनियर पर आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट में काम करते हुए मिसाइल से संबंधी तकनीकी और अन्य खुफिया जानकारियां पाकिस्तान और अमेरिका को पहुंचाई हैं। निशांत अग्रवाल नाम का यह शख्स ब्रह्मोस की नागपुर यूनिट में काम करता था। एटीएस फिलहाल इस शख्स से पूछताछ कर रही है और इसके बारे में और जानकारियां जुटा रही थी। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही थी कि इससे पहले उसने कौन-कौन सी सूचनाएं दुश्मन देश पाकिस्तान और अमेरिका तक पहुंचाई हैं।
निशांत की गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया था कि निशांत अग्रवाल के निजी कंप्यूटर से बहुत संवेदनशील सूचनाएं मिली थीं। उन्होंने कहा कि वह फेसबुक पर फेक आईडी द्वारा पाकिस्तान की आईडी से चैटिंग करता था। लड़कियों की फेक आईडी से संपर्क किया गया है। इस मामले में कई और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। यही नहीं निशांत के घर पर भी यूपीएटीएस ने छापेमारी की थी।
निशांत पर पिछले काफी दिनों से एटीएस को शक था आखिरकार इसे सोमवार को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि नागपुर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस है जहां भारत और रूस की मदद से ब्रह्मोस का निर्माण किया जाता है। कथित एजेंट को उत्तर प्रदेश एटीएस और सैन्य खुफिया अधिकारियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि उसे ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़ा गया था।