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परीक्षा परिणाम के डर से खुदकुशी करने वाला छात्र सभी विषयों में पास निकला
Mon, 10 Jun 2019 03:22 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Mon, 10 Jun 2019 03:22 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक लड़के ने एसएससी परिणाम के घोषित होने से दो दिन पहले डर के कारण आत्महत्या कर ली थी। अब परीक्षा के नतीजों में पता चला है कि वह सभी विषयों में 42 फीसदी अंक के साथ पास है।
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जानकारी के मुताबिक प्रणव जराग अंग्रेजी और गणित के पेपर को लेकर चिंतित था। लेकिन जब शनिवार शाम नतीजे आए तो पता चला कि वो इन दोनों विषयों में पास है। उसे अंग्रेजी में 37 नंबर मिले थे। प्रणव के कजिन विक्रम टेपे का कहना है, "अगर वो अपना परिणाम देख पाता तो ये सबकुछ ना होता।"
प्रवण के परिवार के एक सदस्य का कहना है कि घटना के समय परीक्षा परिणाम के घोषित होने को लेकर कोई खबर नहीं आई थी। लेकिन अब प्रणव की मौत हो चुकी है और नतीजे देखने का कोई फायदा नहीं है। प्रणव के एक रिश्तेदार का कहना है कि उसका दोस्त ही उसकी मार्कशीट डाउनलोड करके लाया था। उन्होंने बताया, "प्रणव का परिवार इस खबर को सुनकर मानो टूट सा गया। उन्होंने परिणाम नहीं देखा था।"
प्रणव को लेकर उसके पिता सुनील का कहना है कि पहले वो अपने दोस्तों से मिलने गया और फिर आकर सो गया। इसके बाद शाम के करीब सात बजे वो अपने कमरे के सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला। उसके पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। उन्होंने कहा, "हमने उसपर कोई दबाव नहीं डाला। मैं चाहता था कि वो हमारे केबल के कारोबार से ही जुड़ जाए।"
आरके नगर सोसाइटी का रहने वाला प्रणव डीबीआरके मराठी-मीडियम हाई स्कूल में पढ़ता था। अब परिवार ने उसकी आंखें छत्रपति प्रमिलाताई राजे अस्पताल (सीपीआर) में दान करने का फैसला लिया है।
प्रणव के पिता ने आगे कहा, "प्रणव के अंकल ने उसे शाम को कई बार फोन किया, उसके कमरे का दरवाजा भी कई बार खटखटाया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद हमने कमरे का दरवाजा तोड़ा और देखा कि वह सीलिंग फैन से लटका हुआ था। हमने कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी। मेरा बेटा निरंतर पढ़ाई करता था, ट्यूशन जाता था और उसके काफी सारे दोस्त थे।"