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Bombay High Court : 'सरकार मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकती'; मराठा आंदोलन के बीच हाई कोर्ट की टिप्पणी
Mon, 26 Feb 2024 07:19 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 26 Feb 2024 07:19 PM IST
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट में आज राज्य में चल रहे मराठा आंदोलन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार को अदालत के आदेश की आवश्यकता नहीं है। सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती और उसके पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने की शक्तियां हैं।
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बॉम्बे हाई कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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विस्तार
मराठा कोटा को लेकर महाराष्ट्र में मनोज जारांगे द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ गुणरत्न सदावर्ते द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान, न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की खंडपीठ ने कहा कि सरकार को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अदालत के आदेश की आवश्यकता नहीं है। सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती और उसके पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने की शक्तियां हैं।
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गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान मनोज जरांगे के वकील वी एम थोराट ने अदालत को आश्वासन दिया था कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सदावर्ते ने पीठ को बताया कि राज्य भर में कई जगहों पर आंदोलन हिंसक हो गया है। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था के लिए अदालत के हस्तक्षेप की मांग की। वहीं, महाराष्ट्र सरकार का पक्ष रख रहे महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ और लोक अभियोजक हितेन वेनेगांवकर ने बताया कि सरकार हिंसा की घटनाओं को लेकर काम कर रही है। इन घटनाओं के बाद पूरे महाराष्ट्र में 267 मामले दर्ज किए गए हैं।
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सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पीठ ने कहा कि राज्य के पास स्थिति को नियंत्रित करने की शक्तियां हैं। अगर जरांगे द्वारा दिया गया आश्वासन कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, नहीं निभाया जाता है तो यह राज्य का काम है कि वह स्थिति का ध्यान रखे। फिलहाल अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को तय की है।
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जंबो कोविड सेंटर घोटाले में संजय राउत के सहयोगी सुजीत पाटकर को जमानत
कथित जंबो कोविड सेंटर घोटाला मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के करीबी व्यवसायी सुजीत पाटकर को जमानत मिल गई है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसपी शिंदे ने शुक्रवार को पाटकर को जमानत दे दी थी। हालांकि इसका आदेश सोमवार यानी आज मिल पाया। अदालत ने उन्हें समानता के आधार पर जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि मामले के अन्य आरोपियों को भी इसी तरह की राहत दी गई है और आरोप पत्र दायर किया गया है।
हालांकि, जमानत मिलने के बाद भी पाटकर जेल से बाहर नहीं आएंगे क्योंकि वह प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वह न्यायिक हिरासत में हैं।