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Mumbai: बिना फूल या फल वाले भांग का पौधा गांजा नहीं, कोर्ट ने आरोपी को दी जमानत
Sun, 04 Sep 2022 01:45 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 04 Sep 2022 01:45 PM IST
सार
एनसीबी अधिकारियों ने कुणाल कडू के घर पर अप्रैल, 2021 में छापा मारा था। इस दौरान तीन पैकेट में 48 किलोग्राम हरा पत्तेदार पदार्थ बरामद किया गया था। एनसीबी का दावा था कि यह पदार्थ गांजा है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
बंबई उच्च न्यायालय ने मादक पदार्थ रखने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि बिना फूल या फल वाला भांग का पौधा ‘गांजा’ के दायरे में नहीं आता है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने यह भी कहा कि आरोपी के आवास से एनसीबी द्वारा जब्त किए गए पदार्थ और जांच के भेजे गए नमूने में भी अंतर है।
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दरअसल, एनसीबी अधिकारियों ने कुणाल कडू के घर पर अप्रैल, 2021 में छापा मारा था। इस दौरान तीन पैकेट में 48 किलोग्राम हरा पत्तेदार पदार्थ बरामद किया गया था। एनसीबी का दावा था कि यह पदार्थ गांजा है। गिरफ्तारी की आशंका से बचने के लिए कुणाल कडू ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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एनसीबी ने नहीं दिया ने फूल या फल का संदर्भ
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, एनडीपीएस कानून के तहत गांजा भांग के पौधे का फूल या फल वाला शीर्ष भाग होता है और जब फूल यह फल वाला हिस्सा साथ नहीं हो तो पौधे के बीज और पत्ते को गांजे की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा, एनसीबी ने आरोप लगाया है कि आरोपी व्यक्ति के घर से जब्त किया गया पदार्थ एक हरे पत्ते वाला पदार्थ था और उसने फूल या फल का कोई संदर्भ नहीं दिया। ऐसे में आरोपी कडू को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है।
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