फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bombay high court said human teeth not dangerous weapon quash fir

Bombay High Court: 'मानव दांत खतरनाक हथियार नहीं', बॉम्बे उच्च न्यायालय ने महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की

Thu, 10 Apr 2025 03:35 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 10 Apr 2025 03:35 PM IST
सार

अदालत ने कहा कि आईपीसी की धारा 324 के तहत मामला तब बनता है, जब किसी खतरनाक हथियार से हमला किया जाए और पीड़ित की जान को खतरा हो। मेडिकल सर्टिफिकेट से साफ है कि शिकायतकर्ता को सिर्फ दांत के कुछ निशान लगे थे और वे गंभीर किस्म के नहीं थे।

विज्ञापन
bombay high court said human teeth not dangerous weapon quash fir
बंबई उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा है कि मानव दांत कोई खतरनाक हथियार नहीं हैं, जो किसी को गंभीर चोट पहुंचा सकें। इसके बाद उच्च न्यायालय ने महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया। दरअसल एक महिला ने अपनी भाभी पर दांत से काटने का आरोप लगाते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके खिलाफ आरोपी महिला ने उच्च न्यायालय में अपील की, जहां से अदालत ने महिला को राहत दी है।
विज्ञापन


अदालत ने दर्ज धारा पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता ने अदालत में अपना मेडिकल सर्टिफिकेट भी दिखाया, जिसमें पीड़िता को दांत से हल्की चोट लगी थी। जस्टिस विभा कांकनवाड़ी और जस्टिस संजय देशमुख की औरंगाबाद पीठ ने बीती 4 अप्रैल को यह आदेश दिया। एफआईआर अप्रैल 2020 में दर्ज कराई गई थी। जिसमें महिला ने बताया कि उसके और उसकी भाभी के बीच हुई लड़ाई में, भाभी ने उसे दांतों से काटा। पुलिस ने शिकायत मिलने पर भाभी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Kerala: एंबुलेंस में कोरोना मरीज से दुष्कर्म मामले में चालक दोषी करार, पथानामथिट्टा सत्र अदालत कल सुनाएगी सजा
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि आईपीसी की धारा 324 के तहत मामला तब बनता है, जब किसी खतरनाक हथियार से हमला किया जाए और पीड़ित की जान को खतरा हो। मेडिकल सर्टिफिकेट से साफ है कि शिकायतकर्ता को सिर्फ दांत के कुछ निशान लगे थे और वे गंभीर किस्म के नहीं थे। अदालत ने कहा कि जब मामला धारा 324 के तहत नहीं बनता तो ये कानून का दुरुपयोग होगा। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed