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Maharashtra: नवाब मलिक को बड़ा झटका, चिकित्सा के आधार पर जमानत देने से हाईकोर्ट ने किया इनकार

Sun, 16 Jul 2023 01:36 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 16 Jul 2023 01:36 AM IST
सार

ईडी ने नवाब मलिक को फरवरी 2022 में भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की कथित गतिविधियों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

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Bombay High Court refused medical bail to Nationalist Congress Party leader nawab malik
बॉम्बे हाइकोर्ट - फोटो : iStock

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता नवाब मलिक को चिकित्सा के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि उन्हें  'विशेष चिकित्सा सहायता' मिल रही है और उनके स्वास्थ्य अधिकार या जीवन अधिकार का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं किया रहा है। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि मलिक की मेडिकल रिपोर्ट से यह संकेत नहीं मिलता है कि वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इसके विपरीत रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व राज्य मंत्री को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है।

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कोर्ट ने खारिज की याचिका
न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की एकल पीठ ने 13 जुलाई को चिकित्सा आधार पर जमानत की मांग करने वाली मलिक की याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, विस्तृत आदेश शनिवार को उपलब्ध कराया गया। अपने आदेश में हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है कि संविधान के अनुच्छेद 21 में स्वास्थ्य अधिकार को एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में मान्यता दी गई है। इसके आधार पर कोई भी जमानत ले सकता है। इसमें विचाराधीन कैदी या दोषी भी शामिल है।

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न्यायिक हिरासत में है एनसीपी नेता
बता दें कि ईडी ने नवाब मलिक को फरवरी 2022 में भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की कथित गतिविधियों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। मलिक के वकील अमित देसाई ने तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल का स्वास्थ्य पिछले आठ महीनों से बिगड़ रहा था और वह क्रोनिक किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। 

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क्रिटी केयर एशिया अस्पताल में भर्ती हैं मलिक
अदालत ने कहा कि उन्हें 25 से 28 फरवरी 2022 और उसके बाद की तारीखों में मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें 17 मई  2022 से उनकी पसंद के मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल क्रिटी केयर एशिया में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि पूर्व मंत्री को पर्याप्त चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है और उनकी स्वास्थ्य की निगरानी विशेषज्ञ डॉक्टर कर रहे हैं। पीठ का कहना है कि  मलिक की मेडिकल रिपोर्ट यह नहीं दर्शाती है कि आवेदक किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या उसकी दाहिनी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है। इसके विपरीत, रिपोर्ट में कहा गया है कि आवेदक को आगे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है।

जांच के मेडिकल बोर्ड का गठन
इतना ही नहीं हाई कोर्ट के निर्देश पर आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था और इसकी रिपोर्ट से पता चलता है कि उसकी बाईं किडनी छोटी है और दाहिनी किडनी अकेले ही काम कर रही है। अदालत ने कहा कि जैसे का आवेदक ने दावा किया है उनकी दाहिनी किडनी खराब हो गई है या यह केवल 60 प्रतिशत ही काम कर रही है, रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है। हाईकोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट यह संकेत भी नहीं देती है कि आवेदक किसी ऐसी बीमारी से पीड़ित है, जिसके आधार पर चिकित्सा के आधार पर जमानत देने को उचित ठहराया जा सके।

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