फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bombay high court refuse to gave permission to minor girl abortion says consensual relation result

High Court: 17 साल की नाबालिग को गर्भपात की इजाजत देने से कोर्ट का इनकार, कहा- आपसी सहमति से बने संबंध

Mon, 31 Jul 2023 02:01 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 31 Jul 2023 02:01 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा- लड़की खुद प्रेग्नेंसी किट खरीदकर लाई और फरवरी में ही उसे गर्भधारण होने का पता चल गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता व्यस्क है और उसे पूरी जानकारी है। 

विज्ञापन
bombay high court refuse to gave permission to minor girl abortion says consensual relation result
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने अपने एक फैसले में 17 साल की नाबालिग लड़की को गर्भपात की इजाजत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने और लड़की को इसके बारे में पूरी जानकारी थी। लड़की की गर्भावस्था को 24 हफ्ते का समय बीत चुका है। डिविजन बेंच के जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस वाईजी खोबरागडे ने 26 जुलाई को दिए अपने आदेश में ये बात कही। 
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा- पीड़िता को गर्भावस्था की पूरी जानकारी
कोर्ट ने कहा कि लड़की इस महीने ही 18 साल की हो जाएगी और वह लड़के के साथ दिसंबर 2022 से ही रिश्ते में थी। पीठ ने कहा कि पीड़ित लड़की और आरोपी लड़के ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। लड़की खुद प्रेग्नेंसी किट खरीदकर लाई और फरवरी में ही उसे गर्भधारण होने का पता चल गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता व्यस्क है और उसे पूरी जानकारी है। अगर याचिकाकर्ता को बच्चे को जन्म नहीं देना था तो वह पहले भी गर्भपात की इजाजत मांग सकती थी।
विज्ञापन


20 हफ्ते के बाद गर्भपात के लिए कोर्ट की मंजूरी जरूरी
नाबालिग लड़की ने अपनी मां के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में पोक्सो कानून के तहत गर्भपात कराने की मांग की गई है क्योंकि लड़की खुद नाबालिग है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कानून के तहत अगर गर्भावस्था को 20 हफ्ते से ज्यादा का समय बीत गया है तो गर्भपात के लिए कोर्ट की मंजूरी जरूरी होती है। बच्चे और मां की जान के खतरे को देखते हुए कोर्ट मंजूरी देते हैं। इस याचिका में कहा गया है कि बच्चे को जन्म देने से नाबालिग के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जन्म के बाद बच्चा गोद दे सकती है पीड़िता
कोर्ट ने कहा कि बच्चे की डिलीवरी में अब सिर्फ 15 हफ्ते का समय बाकी है। ऐसे में लड़की स्वस्थ बच्चे को जन्म देगी। बच्चे के जन्म के बाद वह उसे किसी को गोद देने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने ये भी कहा कि नाबालिग को कुछ सामाजिक संगठनों के साथ भी रखा जा सकता है, जहां डिलीवरी तक उसकी बेहतर देखभाल हो सकेगी।

12 एमएलसी के नामांकन वापसी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान मनोनीत किए जाने के लिए अनुशंसित 12 एमएलसी का नामांकन वापस लेने पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को एक जनहित याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है। याचिका में तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के 5 सितंबर, 2022 के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में दावा किया गया है कि राज्यपाल ने एमवीए सरकार की तरफ से अनुशंसित 12 एमएलसी का नामांकन वापस लिया था।


मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की पीठ ने महाराष्ट्र के महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ को सरकार से जवाब लेने का निर्देश देते हुए सुनवाई 21 अगस्त तक टाल दी। याचिका में दावा किया गया है कि एमवीए सरकार ने नवंबर 2020 में राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के सदस्यों (एमएलसी) के रूप में नामांकन के लिए कोश्यारी को 12 नामों की सिफारिश करते हुए एक सूची भेजी, लेकिन राज्यपाल ने सूची पर कोई फैसला नहीं लिया। इसके बाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसपर हाईकोर्ट ने कहा कि उचित समय के भीतर नामों को स्वीकार करना या वापस करना राज्यपाल का संवैधानिक कर्तव्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed