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बॉम्बे हाईकोर्ट: दहेज उत्पीड़न मामले में आदेश की अवहेलना पर मजिस्ट्रेट को फटकार, मुकदमे में तेजी लाने का आदेश
Wed, 21 Aug 2024 04:26 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 21 Aug 2024 04:26 AM IST
सार
जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने 9 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि नवी मुंबई न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की अध्यक्षता कर रही मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के निर्देशों का बिल्कुल भी सम्मान नहीं किया। ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपना काम करने में गंभीर नहीं थीं।
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Bombay High court
- फोटो : ANI
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में मुकदमे में तेजी लाने का निर्देश देने वाले उसके 2021 के आदेश का पालन नहीं करने पर एक मजिस्ट्रेट को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश का पालन न करने के लिए मजिस्ट्रेट के बहाने काफी 'कमजोर' हैं।
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जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने 9 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि नवी मुंबई न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की अध्यक्षता कर रही मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के निर्देशों का बिल्कुल भी सम्मान नहीं किया। ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपना काम करने में गंभीर नहीं थीं।
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पीठ ने निर्देश दिया कि मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट सहित मामले को उचित निर्देशों के लिए उच्च न्यायालय की प्रशासनिक समिति के समक्ष रखा जाए। यह आदेश दहेज उत्पीड़न के एक मामले का सामना कर रहे एक व्यक्ति की ओर से दायर एक आवेदन पर पारित किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि मुकदमे में तेजी लाने के लिए 2021 में उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद, मजिस्ट्रेट ने अभी तक मुकदमे को पूरा नहीं किया है।
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