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Chanda Kochhar: हाईकोर्ट से बैंक की पूर्व MD को झटका, सेवानिवृत्ति के बाद वाले लाभ की मांग वाली याचिका खारिज
Thu, 04 May 2023 04:53 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 04 May 2023 04:53 AM IST
सार
कोचर ने एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, अगर कोचर को अंतरिम राहत प्रदान की जाती है और अंतिम फैसला बैंक के पक्ष में आता है तो कोचर की ओर से अधिग्रहित शेयर या उसके बराबर धन वापस लेना होगा।
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चंदा कोचर
- फोटो : SELF
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विस्तार
आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इन्कार करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यह बैंक को अपूरणीय क्षति और पूर्वाग्रह का कारण होगा। बुधवार को हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ की मांग को लेकर कोचर की तरफ से दायर अंतरिम याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
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जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस आरएस पाटिल की खंडपीठ ने नवंबर 2022 में जस्टिस आरआई चागला की एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा, जिसने कोचर की याचिका खारिज कर दी थी। कोचर ने एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, अगर कोचर को अंतरिम राहत प्रदान की जाती है और अंतिम फैसला बैंक के पक्ष में आता है तो कोचर की ओर से अधिग्रहित शेयर या उसके बराबर धन वापस लेना होगा।
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अपीलकर्ता एक व्यक्ति है और प्रतिवादी एक बैंक है जिसके शेयर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं। खंडपीठ ने आगे कहा, अगर अंतिम फैसला कोचर के पक्ष में आता है तो प्रतिवादी यानी आईसीआईसीआई बैंक को स्टॉक मार्केट से शेयर खरीदने या उसके मूल्य के बराबर धन अपीलकर्ता (कोचर) को देने का निर्देश दिया जा सकता है। पीठ ने यह भी कहा कि एकल पीठ का आदेश मनमाना या विकृत नहीं है।
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