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Kerala: केन्या से केरल पहुंचे पांच भारतीयों के शव, छुट्टी मनाने गए थे अफ्रीकी देश; सड़क हादसे में हुई थी मौत
Sun, 15 Jun 2025 02:37 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 15 Jun 2025 02:37 PM IST
सार
केरल के रहने वाले लोग छुट्टियां मनाने अफ्रीकी देश केन्या गए थे। केन्या में न्यांदरुआ काउंटी में सड़क हादसे में सभी की मौत हो गई थी। केरल सरकार की पहल पर मृतकों के शव राज्य वापस लाए गए।
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पुष्पांजलि अर्पित करते केरल के उद्योग मंत्री।
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
विस्तार
केन्या में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच भारतीयों के शव रविवार को केरल पहुंचे। सभी भारतीय छुट्टियां मनाने केन्या गए थे और वहां न्यांदरुआ काउंटी में सड़क हादसे का शिकार हो गए। मृतकों के शव कतर से आई उड़ान से यहां नेदुम्बस्सेरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। मृतकों में डेढ़ और सात साल के दो बच्चे भी शामिल हैं।
उद्योग मंत्री पी राजीव, अधिकारियों तथा मृतकों के रिश्तेदारों ने शव प्राप्त किए। उद्योग मंत्री ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए और राज्य सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। सूत्रों ने बताया कि परिवार के सदस्यों के अनुरोध पर शवों को हवाई अड्डे पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि के लिए नहीं रखा गया। शवों को उनके संबंधित स्थानों पर ले जाया गया।
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उद्योग मंत्री ने कहा कि कुछ मृतकों का अंतिम संस्कार रविवार को होगा और अन्य का मंगलवार को होगा। यह दुर्घटना बहुत दुखद थी। जो लोग केन्या में छुट्टियां मनाने गए थे, उन्हें यह त्रासदी झेलनी पड़ी। सरकार ने हर संभव प्रयास किया और शवों को बिना किसी देरी के आसानी से स्वदेश वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किया। मृतकों में जसना (29), उनकी बेटी रूही मेहरीन (1.5), गीता शोजी इसाक (58), रिया एन (41) और उनकी बेटी तीरा रोड्रिग्स (7) शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पीत ज्वर टीकाकरण प्रमाण पत्र को लेकर समस्या सामने आई थी, लेकिन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मामले में हस्तक्षेप किया और इसे माफ कराने में मदद की। रिश्तेदारों को प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के सामान्य निर्देश दिए गए थे। मंत्री ने तीन घायल व्यक्तियों से भी मुलाकात की है और उन्हें शीघ्र ही अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मृतक मूवट्टुपुझा, मावेलिककारा और पलक्कड़ के रहने वाले हैं।
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केंद्र से मांगी थी गई थी मदद
गैर-निवासी केरलवासी मामलों (एनओआरकेए) अधिकारियों ने बताया कि केन्या से कतर के लिए शव लाने वाली उड़ान के रवाना होने से पहले ट्रैवल एजेंसी के अधिकारियों ने पीत ज्वर टीके का प्रमाणपत्र मांगा था। इसके बाद सीएम विजयन ने प्रमाणपत्र को लेकर केंद्र से विशेष छूट मांगी थी। इसके बाद विशेष परिस्थितियों को देखते हुए वैक्सीन प्रमाणपत्र माफ कर दिया।
विजयन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर मृतकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र और सम्मानजनक तरीके से भारत वापस लाने के लिए पूर्ण समर्थन का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वह केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग को प्रभावित परिवारों के लिए कानूनी औपचारिकताएं, दस्तावेजीकरण और रसद सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दे।
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उद्योग मंत्री पी राजीव, अधिकारियों तथा मृतकों के रिश्तेदारों ने शव प्राप्त किए। उद्योग मंत्री ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए और राज्य सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। सूत्रों ने बताया कि परिवार के सदस्यों के अनुरोध पर शवों को हवाई अड्डे पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि के लिए नहीं रखा गया। शवों को उनके संबंधित स्थानों पर ले जाया गया।
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उद्योग मंत्री ने कहा कि कुछ मृतकों का अंतिम संस्कार रविवार को होगा और अन्य का मंगलवार को होगा। यह दुर्घटना बहुत दुखद थी। जो लोग केन्या में छुट्टियां मनाने गए थे, उन्हें यह त्रासदी झेलनी पड़ी। सरकार ने हर संभव प्रयास किया और शवों को बिना किसी देरी के आसानी से स्वदेश वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किया। मृतकों में जसना (29), उनकी बेटी रूही मेहरीन (1.5), गीता शोजी इसाक (58), रिया एन (41) और उनकी बेटी तीरा रोड्रिग्स (7) शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पीत ज्वर टीकाकरण प्रमाण पत्र को लेकर समस्या सामने आई थी, लेकिन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मामले में हस्तक्षेप किया और इसे माफ कराने में मदद की। रिश्तेदारों को प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के सामान्य निर्देश दिए गए थे। मंत्री ने तीन घायल व्यक्तियों से भी मुलाकात की है और उन्हें शीघ्र ही अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मृतक मूवट्टुपुझा, मावेलिककारा और पलक्कड़ के रहने वाले हैं।
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केंद्र से मांगी थी गई थी मदद
गैर-निवासी केरलवासी मामलों (एनओआरकेए) अधिकारियों ने बताया कि केन्या से कतर के लिए शव लाने वाली उड़ान के रवाना होने से पहले ट्रैवल एजेंसी के अधिकारियों ने पीत ज्वर टीके का प्रमाणपत्र मांगा था। इसके बाद सीएम विजयन ने प्रमाणपत्र को लेकर केंद्र से विशेष छूट मांगी थी। इसके बाद विशेष परिस्थितियों को देखते हुए वैक्सीन प्रमाणपत्र माफ कर दिया।
विजयन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर मृतकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र और सम्मानजनक तरीके से भारत वापस लाने के लिए पूर्ण समर्थन का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वह केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग को प्रभावित परिवारों के लिए कानूनी औपचारिकताएं, दस्तावेजीकरण और रसद सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दे।
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