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Operation Sindoor: बीएमसी ने मुंबई में कारनैक ब्रिज का नाम 'सिंदूर' रखा; सफल सैन्य अभियान के सम्मान में फैसला

Tue, 08 Jul 2025 08:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 08 Jul 2025 08:50 PM IST
सार

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सफल सैन्य अभियान के सम्मान में बीएमसी ने मुंबई में पुनर्निर्मित कारनैक ब्रिज का नाम 'सिंदूर' रखा।

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BMC name reconstructed Carnac Bridge in Mumbai as Sindoor after military operation against terror sites in PAK
ऑपरेशन सिंदूर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

दक्षिण मुंबई में पुनर्निर्मित कार्नैक रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का नाम बदलकर 'सिंदूर ब्रिज' कर दिया गया है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई के सम्मान में यह फैसला लनिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने मंगलवार को  बताया कि ब्रिटिशकालीन पुल का उद्घाटन गुरुवार सुबह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे।
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बीएमसी के मुताबिक, पूर्व-पश्चिम कनेक्टर, जिसे पहले कार्नैक ब्रिज के नाम से जाना जाता था और जिसका नाम बॉम्बे प्रांत के पूर्व गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नैक के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने 1839 से 1841 तक पद संभाला था, का नाम बदलकर 'सिंदूर ब्रिज' कर दिया गया है।
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राहुल नार्वेकर ने सिफारिश की थी
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने नागरिक निकाय को पत्र लिखकर आरओबी का नाम बदलकर 'सिंदूर ब्रिज' रखने की सिफारिश की थी। मंगलवार देर शाम जारी एक विज्ञप्ति में बीएमसी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार, नार्वेकर और अन्य वरिष्ठ नेता और नागरिक अधिकारी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे।

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दक्षिण मुंबई में कनेक्टिविटी को बेहतर होगी
इस पुल से भीड़ को कम करने और दक्षिण मुंबई में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सिंदूर पुल का पुनर्निर्माण बीएमसी द्वारा किया गया, क्योंकि 150 साल पुरानी मूल संरचना को मध्य रेलवे (सीआर) की ओर से असुरक्षित घोषित किया गया था और अगस्त 2022 में इसे ध्वस्त कर दिया गया था।


पुल से क्या फायदा होगा?
बीएमसी के मुताबिक, पुल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। बीएमसी ने अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) सहित सभी आवश्यक मंजूरी भी हासिल कर ली है। नागरिक निकाय ने कहा कि पुल से वालचंद हीराचंद मार्ग और शहीद भगत सिंह रोड जैसे प्रमुख चौराहों पर यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलेगी। इससे यूसुफ मेहरली रोड, मोहम्मद अली रोड और सरदार वल्लभभाई पटेल रोड सहित अहम मार्गों पर पूर्व-पश्चिम यातायात में सुधार होने की उम्मीद है।

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