Operation Sindoor: बीएमसी ने मुंबई में कारनैक ब्रिज का नाम 'सिंदूर' रखा; सफल सैन्य अभियान के सम्मान में फैसला
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सफल सैन्य अभियान के सम्मान में बीएमसी ने मुंबई में पुनर्निर्मित कारनैक ब्रिज का नाम 'सिंदूर' रखा।
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बीएमसी के मुताबिक, पूर्व-पश्चिम कनेक्टर, जिसे पहले कार्नैक ब्रिज के नाम से जाना जाता था और जिसका नाम बॉम्बे प्रांत के पूर्व गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नैक के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने 1839 से 1841 तक पद संभाला था, का नाम बदलकर 'सिंदूर ब्रिज' कर दिया गया है।
राहुल नार्वेकर ने सिफारिश की थी
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने नागरिक निकाय को पत्र लिखकर आरओबी का नाम बदलकर 'सिंदूर ब्रिज' रखने की सिफारिश की थी। मंगलवार देर शाम जारी एक विज्ञप्ति में बीएमसी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार, नार्वेकर और अन्य वरिष्ठ नेता और नागरिक अधिकारी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे।
दक्षिण मुंबई में कनेक्टिविटी को बेहतर होगी
इस पुल से भीड़ को कम करने और दक्षिण मुंबई में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सिंदूर पुल का पुनर्निर्माण बीएमसी द्वारा किया गया, क्योंकि 150 साल पुरानी मूल संरचना को मध्य रेलवे (सीआर) की ओर से असुरक्षित घोषित किया गया था और अगस्त 2022 में इसे ध्वस्त कर दिया गया था।
पुल से क्या फायदा होगा?
बीएमसी के मुताबिक, पुल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। बीएमसी ने अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) सहित सभी आवश्यक मंजूरी भी हासिल कर ली है। नागरिक निकाय ने कहा कि पुल से वालचंद हीराचंद मार्ग और शहीद भगत सिंह रोड जैसे प्रमुख चौराहों पर यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलेगी। इससे यूसुफ मेहरली रोड, मोहम्मद अली रोड और सरदार वल्लभभाई पटेल रोड सहित अहम मार्गों पर पूर्व-पश्चिम यातायात में सुधार होने की उम्मीद है।