कोरोना: बीएमसी ने शवों को धर्म की परवाह किए बिना अंतिम संस्कार की घोषणा पर मारा यू-टर्न
कोरोना वायरस से मरने वाले सभी शवों को धर्म की परवाह किए बिना अंतिम संस्कार करने की घोषणा करने के कुछ ही घंटों बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने अपने इस फैसले को वापस ले लिया है।
बीएमसी ने सोमवार को सर्कुलर जारी कर कहा कि कोरोना वायरस से मरने वाले सभी शवों को धर्म की परवाह किए बिना अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। साथ ही शव को दफनाने की अनुमति भी नहीं होगी, लेकिन अब उसने अपने इस निर्णय को वापस ले लिया है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने ट्वीटर पर घोषणा की है कि आयुक्त प्रवीण परदेशी से बात करने के बाद बीएमसी ने सर्कुलर को वापस ले लिया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'यह आपको ध्यान दिलाने के लिए है कि मैंने बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी से कोरोना वायरस के कारण अपनी जान गंवा चुके लोगों के दाह संस्कार के लिए उनके द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के बारे में बात की हैं। अब सर्कुलर वापस ले लिया गया है।'
This is to bring to your kind attention that I have spoken to @mybmc Commissioner Mr. Praveen Pardeshi regarding the circular issued by him for cremation of those who have lost their lives due to the #CoronaVirus.
The said circular has now been withdrawn.— Nawab Malik نواب ملک नवाब मलिक (@nawabmalikncp) March 30, 2020
दरअसल, बीएमसी ने कहा था कि मुंबई में सभी कोविड-19 के मृतकों का वायरस फैलने की संभावनाओं को कम करने के लिए अंतिम संस्कार करना होगा। कमिश्नर परदेशी ने सर्कुलर में कहा था कि कोविड-19 रोगियों के सभी निकायों को धर्म की परवाह किए बिना अंतिम संस्कार करना होगा। किसी को भी दफनाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही अंतिम संस्कार में पांच से अधिक लोग शामिल नहीं होने चाहिए। सर्कुलर में यह भी कहा गया था कि शरीर को छूने के संस्कारों से बचना होगा।
महामारी रोग अधिनियम के तहत, स्थानीय अधिकारियों को इस बात का निर्णय लेना का अधिकार है कि वह बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए शवों का निपटान कर सकते है। बीएमसी ने कहा कि सोमवार को कोरोना वायरस से 47 लोग संक्रमित पाए गए और अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से 200 से ज्यादा लोग संक्रमित है, जिनमें से 25 लोग तो सांगली जिले के एक परिवार के हैं। वहीं, देश में संक्रमितों की संख्या एक हजार को पार कर गई है और अब तक इस जानलेवा वायरस से 29 लोगों की मौत हो गई है।