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Black Wheat : शुगर और दिल के मरीजों को सेहतमंद बना रहा काला गेहूं, सामान्य से ज्यादा पौष्टिक
Sun, 02 Apr 2023 05:53 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 02 Apr 2023 05:53 AM IST
सार
साधारण गेहूं की तुलना में कई गुना ज्यादा पौष्टिक काला गेहूं शुगर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह सामान्य गेहूं के मुकाबले जल्दी पच जाता है। यह पाचन तंत्र के लिए बेहद प्रभावशाली है।
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black wheat
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोविड काल के बाद लोग सेहत को लेकर सतर्क होते जा रहे हैं। खासतौर से शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज। उनके लिए काला गेहूं स्वस्थ रहने का बेहतर जरिया बनता जा रहा है। पिछले एक-दो वर्षों से इसके लाभ को लेकर खबरें भी शेयर हो रहीं हैं और सोशल मीडिया में भी इसकी चर्चा है।
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इसी के साथ काला गेहूं उच्च, उच्च-मध्य और मध्य वर्ग के लिए स्वस्थ रहने का बेहतर जरिया बन रहा है। सात साल की लंबी रिसर्च के बाद मोहाली स्थित नेशनल एग्री फूड बॉयोटेकनोलॉजी इंस्टीट्यूट (नाबी) के वैज्ञानिकों ने इसे विकसित किया है। नाबी के पास इसका पेटेंट भी है। काले गेहूं में एंथोसाइनिन पिगमेंट 40-140 पीपीएम तक होता है। आम गेहूं में यह 5-15 पीपीएम ही होता है। आकार में दोनों समान हैं, लेकिन तमाम औषधीय गुणों के कारण काले गेहूं की मांग लगातार बढ़ रही हे।
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वर्तमान में इसकी कीमत 120-140 रुपये प्रति किलो तक है। इसमें पाए जाने वाला एंथोसाइनिन एक नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट व एंटीबायोटिक है जो शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट-अटैक, कैंसर, मानसिक तनाव, घुटनों का दर्द और एनीमिया जैसे रोगों में काफी कारगर होता है।
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मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद
साधारण गेहूं की तुलना में कई गुना ज्यादा पौष्टिक काला गेहूं शुगर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह सामान्य गेहूं के मुकाबले जल्दी पच जाता है। यह पाचन तंत्र के लिए बेहद प्रभावशाली है। काले गेहूं की रोटी खाने से दिल का खतरा कम होता है, क्योंकि इसमें ट्राइग्लिसराइड जैसे तत्व मौजूद रहते हैं। इस गेहूं की खासियत यह है कि इसका रंग काला है। इसकी बालियां सामान्य गेहूं जैसी हरी होती हैं, लेकिन पकने के बाद दानों का रंग काला हो जाता है।
खास रंग की यह वजह
इस गेहूं के काले रंग के बारे में नाबी का कहना है कि फलों, सब्जियों और अनाजों के रंग उनमें मौजूद प्लांट पिगमेंट या रजक कणों की मात्रा पर निर्भर होते हैं। चूंकि इसमें एंथोसाइनिन की अधिकता है इसलिए इसका रंग गाढ़ा बैगनी और काला हो जाता है।
किसानों के लिए फायदेमंद
काला गेहूं बाजार में सात से आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव पर बिकता है, जोकि सामान्य गेहूं की फसल से तीन से चार गुना है। इसका उत्पादन सामान्य गेहूं की तरह ही होता है, बस इसका ख्याल थोड़ा ज्यादा रखना पड़ता है।
इसकी खेती में प्रति एकड़ 15-20 क्विंटल तक की पैदावार मिलती है। किसान काले गेहूं की खेती से एक एकड़ खेत में करीब 1.20 लाख तक आराम से कमा सकते हैं। काले गेहूं में विटामिन बी, फोलिक एसिड, सेलेनियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जस्ता, कैल्शियम, आयरन प्रचुर मात्रा में होता है।