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महाराष्ट्र: मुंबई के कोस्टल रोड प्रोजेक्ट में 1600 करोड़ का घोटाला, भाजपा नेता आशीष शेलार का आरोप

Sat, 02 Oct 2021 11:11 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 02 Oct 2021 11:11 PM IST
सार

मुंबई की इस महत्वपूर्ण परियोजना का क्रियान्वयन शिवसेना शासित बृहन्मुंबई नगर पालिका द्वारा किया जा रहा है।
 

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BJPs Shelar alleges Rs 1,600 cr scam in Mumbai coastal road work, BMC refutes charge
बीएमसी

विस्तार

महाराष्ट्र के भाजपा नेता आशीष सेलार ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुंबई के तटीय रोड प्रोजेक्ट (कोस्टल रोड प्रोजेक्ट) में 1600 करोड़ रुपये की धांधली हुई है। उधर, बीएमसी ने उनके आरोपों का खंडन किया है।

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मुंबई के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेलार ने यह आरोप लगाया। उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे से मांग की कि भ्रष्ट कंसल्टेंट्स व कांट्रेक्टरों को ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए और इस घोटाले की एसआईटी से जांच कराई जाना चाहिए। शेलार ने दावा किया कि यह बहुत बड़ा घोटाला है।
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शेलार ने कहा कि भाजपा इस रोड के निर्माण के पक्ष में है। यह महानगर के उत्तर में कांदिवली को दक्षिण मुंबई के नरीमन पाइंट से जोड़ेगी। लेकिन पार्टी भ्रष्टाचार करने वालों को दंडित कराए बिना नहीं छोड़ेगी। भाजपा नेता ने कहा कि बीएमसी ने मालाबार हिल स्थित प्रियदर्शिनी पार्क से हाजी अली के पास बडौदा हाउस तक के एक चरण के लिए दो कंसल्टेंट नियुक्त किए हैं। एई कॉम को जनरल कंसल्टेंट व लुईस बर्जर को प्रोजेक्ट कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है।
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शेलार के अनुसार बीएमसी की स्थाई समिति ने दोनों कंसल्टेंट्स को 600 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी है। इनका काम सिर्फ यह है कि ये देखेंगी कि परियोजना सही दिशा में चल रही है या नहीं। उन्होंने निर्माण सामग्री की खरीदी व गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए।


शेलार के आरोपों को बीएमसी ने किया खारिज
इस बीच बीएमसी ने एक बयान जारी कर आशीष सेलार के आरोपों का खंडन किया है। निगम ने कहा कि उनके आरोप आधारहीन है। निर्माण सामग्री सर्टिफाइड आपूर्तिकर्ता से खरीदी गई है। क्वालिटी टेस्ट भी नियमित रूप से किया जा रहा है। कंसल्टेंट्स को 229 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, न कि 600 करोड़ रुपये। ये फीस चरणों के अनुसार दी जा रही है न कि एकमुश्त। अक्तूबर 2018 से दिसंबर 2020 के बीच 683.82 करोड़ रुपये का काम हुआ है। ऐसे में यह कहना गलत होगा कि 1600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

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