फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP will get new president before monsoon session of Parliament, know everything

BJP: मानसून सत्र से पहले भाजपा को मिलेगा नया अध्यक्ष; 12 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की भी जल्द होगी नियुक्ति

Sat, 28 Jun 2025 06:10 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 28 Jun 2025 06:10 AM IST
सार

राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से कम से कम 19 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव अनिवार्य है। पार्टी अब तक 14 राज्यों में ही ऐसा कर पाई है।

विज्ञापन
BJP will get new president before monsoon session of Parliament, know everything
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए करीब एक साल से जारी इंतजार 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले खत्म हो सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी की योजना जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक सहित करीब एक दर्जन राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने की है। इस कड़ी में, राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ के लक्ष्मण ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, किरेन रिजिजू और सांसद रविशंकर प्रसाद को क्रमश: उत्तराखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से कम से कम 19 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव अनिवार्य है। पार्टी अब तक 14 राज्यों में ही ऐसा कर पाई है। दूसरी बड़ी समस्या राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए बनने वाला निर्वाचक मंडल है।  इस मंडल का सदस्य राष्ट्रीय और राज्य परिषद में शामिल नेता ही होते हैं। इन परिषदों में यूपी, गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है। ऐसे में प्रदेश संगठन के चुनाव के बाद इन परिषदों का कोटा भरे बिना निर्वाचक मंडल नहीं बनाया जा सकता।  
विज्ञापन


सबसे ज्यादा माथापच्ची यूपी पर
लोकसभा चुनाव में लगे झटके के कारण उत्तर प्रदेश केंद्रीय नेतृत्व की बड़ी सिरदर्दी है। इस सूबे में बड़े बदलाव के लिए नए सिरे से मंथन शुरू हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व को चुनाव में छिटके ओबीसी वोट बैंक को वापस लाने के साथ बसपा के कमजोर होने के कारण उसके वोट बैंक का सपा-कांग्रेस के प्रति आकर्षित होने की काट भी ढूंढनी है। सूबे में नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ व्यापक रोडमैप तैयार होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दलित या दक्षिण पर मंथन
नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व सियासी कारणों से दलित या दक्षिण को महत्व देना चाहता है। चूंकि विपक्ष भाजपा और मोदी सरकार के संदर्भ में आरक्षण और संविधान को खत्म करने की धारणा बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है। इसके अलावा भविष्य की राजनीति के लिए विस्तार को अहमियत देने के लिए भाजपा की निगाहें दक्षिण भारत के राज्यों पर हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि नया अध्यक्ष या तो दलित बिरादरी का होगा या फिर दक्षिण भारत से जुड़ा होगा। 


इसे भी पढ़ें- Politics: राहुल गांधी ने संघ और भाजपा पर साधा निशाना, होसबोले के बयान पर कहा- आरएसएस का नकाब फिर से उतर गया

संगठन को नया रूप देने की तैयारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद पार्टी का जोर संगठन को नया रूप देने पर है। इस क्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम में 60 से 70 फीसदी चेहरे बदले जाएंगे। पार्टी की योजना इन बदलावों के जरिये युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों को संगठन में प्रतिनिधित्व देने की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बड़े बदलाव से पार्टी की सर्वाधिक ताकतवर इकाई संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति भी अछूती नहीं रहेगी।

इसे भी पढ़ें- भारत की दो टूक पर नहीं मान रहे ट्रंप: अब बोले- परमाणु युद्ध का था खतरा, हमने दी व्यापार रद्द करने की धमकी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed