BJP: केंद्र के विकास कार्यों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा, जम्मू पर दांव, कश्मीर क्षेत्र से कुछ सीटें चुराने का प्लान
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विस्तार
नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के चुनाव में साथ जाने का एलान कर दिया है। दोनों दल जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य दिलाने के मुख्य मुद्दे के साथ चुनाव में उतर सकते हैं। वहीं, भाजपा पिछले दस सालों में केंद्र सरकार के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों को आधार बनाकर चुनाव में उतरने की योजना बना रही है। चुनाव में वह जम्मू-कश्मीर की जनता से यही वादा करने जा रही है कि यदि वह सत्ता में आती है, तो विकास का यह क्रम लगातार जारी रहेगा। कश्मीर में भी पार्टी मुसलमानों को यह कहते हुए रिझाने की कोशिश करेगी कि घाटी में पत्थरबाजी कम होने से वहां के युवाओं ने विकास की राह पकड़ी है। अब वे आतंक की चपेट में आने की बजाय घाटी के विकास में सहायक हो रहे हैं। पार्टी आम मुसलमानों को इसी मुद्दे के साथ रिझाने की योजना बना रही है।
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने केवल जम्मू रीजन में चुनाव लड़ा था। यदि विधानसभा क्षेत्रों के लिहाज से देखें, तो उसे लगभग 29 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली थी। पार्टी का अनुमान है कि वह अकेले जम्मू रीजन में ही 35 सीटों तक पर जीत हासिल कर सकती है। उसकी कोशिश कश्मीर के कुछ प्रभावशाली मुसलमानों को साथ लेकर कश्मीर रीजन के हिस्से में आई 47 सीटों में से कुछ सीटें चुराने की है, जो उसे बहुमत के आंकड़े 46 तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसके बाद भी उसका जादुई अंक तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसके लिए वह स्वतंत्र उम्मीदवारों पर अभी से नजर रखेगी। भाजपा नेताओं का मानना है कि इस बार जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने में इन निर्दलीयों की भूमिका प्रभावी हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर के एक भाजपा नेता ने अमर उजाला को बताया कि जम्मू क्षेत्र में हमारी बढ़त बरकरार रहेगी, इसकी हमें पूरी उम्मीद है। संभावना इस बात की भी है कि यदि सही उम्मीदवार मैदान में उतारे गए तो कश्मीर क्षेत्र से दो से चार सीटों पर बाजी हमारे हाथ लग सकती है। जम्मू में रहकर कश्मीर के लिए वोट करने वाले हिंदू वोटर इसमें उसकी कुछ सहायता कर सकते हैं। पार्टी यहां पर स्वयं को हिंदू पार्टी जैसे ठप्पे से बाहर निकलकर हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों को साथ लेने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस ने दिया है चैलेंज
भाजपा के गढ़ जम्मू में कांग्रेस ने उसके सामने अच्छा चैलेंज पेश किया है। लोकसभा चुनावों के नतीजे भी बताते हैं कि यदि उसी तरह की हवा रही, तो कांग्रेस जम्मू रीजन में भी चार से पांच सीटों पर कब्जा जमा सकती है। भाजपा की रणनीति इन्हीं सीटों पर कांग्रेस को घेरने की रहने वाली है। उसका मानना है कि यदि जम्मू संभाग की इन सीटों पर कांग्रेस जीत हासिल करने में सफल रही तो कश्मीर के हिस्से में नेशनल कांफ्रेंस की मदद से बढ़त बनाकर वह सरकार बनाने में सफल हो सकती है। इसलिए कांग्रेस को जम्मू रीजन में बढ़त बनाने से रोकने के लिए भाजपा हर दांव आजमाने की रणनीति अपनाएगी।
सही उम्मीदवारों के चयन पर रहेगा जोर
भाजपा नेता के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अपने प्रभाव से जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या हमेशा प्रभावी रही है। ऐसे में उसकी कोशिश यही रहने वाली है कि वह स्थानीय मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारे जिससे जीत हासिल करने में उसके लिए आसानी हो। भाजपा इसके लिए हर क्षेत्र के अनुसार प्रभावी उम्मीदवारों की तलाश शुरू हो चुकी है। पार्टी जल्द ही उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर सकती है।