{"_id":"663dea73c4fbac1d7e0cdbe8","slug":"bjp-vs-congress-s-jaishankar-reacts-on-sam-pitroda-comments-news-in-hindi-2024-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"BJP vs Congress: 'पित्रोदा का विवादित बयान जुबान फिसलना नहीं'; कांग्रेस पर विदेश मंत्री जयशंकर का तीखा पलटवार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BJP vs Congress: 'पित्रोदा का विवादित बयान जुबान फिसलना नहीं'; कांग्रेस पर विदेश मंत्री जयशंकर का तीखा पलटवार
Fri, 10 May 2024 03:12 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 10 May 2024 03:12 PM IST
सार
जयशंकर ने कहा कि वह (पित्रोदा) कोई युवा व्यक्ति नहीं हैं, इसलिए उनके बयान को बचकाना नहीं कहा जाएगा। बता दें कि पित्रोदा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सलाहकार रह चुके हैं और वह राहुल गांधी के भी करीबी माने जाते हैं।
विज्ञापन
एस. जयशंकर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के विवादित बयान पर केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पलटवार किया है। पित्रोदा के बयान को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। जयशंकर ने कहा कि सैम पित्रोदा का विवादित बयान को जुबान फिसलना नहीं कहा जा सकता है। यही कांग्रेस पार्टी की मानसिकता है और ये बयान पार्टी के लोगों की मानसिकता को दर्शाता है।
इस हफ्ते अपने बयानों के कारण विवादों में घिरने के बाद पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, एक पॉडकास्ट के दौरान भारतीयों की शारीरिक बनावट का वर्णन करते हुए उन्होंने चीनी, अफ्रीकी, अरब और गोरों का जिक्र किया। उनके इस नस्लभेदी टिप्पणियों के बाद कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा गया।
पित्रोदा के बयान पर जयशंकर ने दी प्रतिक्रिया
एक साक्षात्कार में विदेश मंत्री जयशंकर ने सैम पित्रोदा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वह जो कह रहे थे उनके आसपास के क्षेत्रों में इसी को लेकर चर्चा है। यह उन लोगों द्वारा साझा किया गया होगा, जिनका वह मार्गदर्शन करते हैं। मुझे लगता है कि इसके दो हिस्से थे। पहला जिसे आपने टाइपकास्टिंग और नस्लीय रूढ़िवादिता कहा है। मुझे लगता है कि यह मेरे लिए परेशान करने वाला था। दूसरा, वास्तव में यह एक भावना थी, जिसे आप जानते हैं कि टिप्पणी का क्या मतलब है। बहुत अलग-अलग लोग हैं और किसी तरह किसी ने इन्हें एकसाथ रखा है। सभी को साथ लाने में और भारत को बनाने में थोड़ा प्रयास करना पड़ा। मुझे यह और भी ज्यादा परेशान करने वाला लगता है।"
विज्ञापन
जयशंकर ने आगे कहा कि यह वास्तव में भारत को परिभाषित करने का औपनिवेशिक तरीका है। आपको भी मालूम है कि सबको साथ लाने में इसके लिए बाहरी बलों की जरूरत पड़ी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे बीच प्राकृतिक जैविक एकता है।"
पित्रोदा के बयान को बचकाना नहीं कहा जाएगा: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि वह (पित्रोदा) कोई युवा व्यक्ति नहीं हैं, इसलिए उनके बयान को बचकाना नहीं कहा जाएगा। उन्होंने आगे कहा, "मेरे लिए यह एक सोच है। एक ऐसी सोच, जिसने वास्तव में मान लिया है कि हम अलग-अलग टुकड़ों में हैं। शायद उनके विचार में किसी ने कुछ रख दिया है।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पित्रोदा का बयान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
पित्रोदा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सलाहकार रह चुके हैं और वह राहुल गांधी के भी करीबी माने जाते हैं। कई विदेश यात्राओं में पित्रोदा को राहुल के साथ देखा गया है। जयशंकर ने बताया कि पित्रोदा की टिप्पणी एक खास मानसिकता को दर्शाती है।
विज्ञापन
इस हफ्ते अपने बयानों के कारण विवादों में घिरने के बाद पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, एक पॉडकास्ट के दौरान भारतीयों की शारीरिक बनावट का वर्णन करते हुए उन्होंने चीनी, अफ्रीकी, अरब और गोरों का जिक्र किया। उनके इस नस्लभेदी टिप्पणियों के बाद कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा गया।
विज्ञापन
पित्रोदा के बयान पर जयशंकर ने दी प्रतिक्रिया
एक साक्षात्कार में विदेश मंत्री जयशंकर ने सैम पित्रोदा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वह जो कह रहे थे उनके आसपास के क्षेत्रों में इसी को लेकर चर्चा है। यह उन लोगों द्वारा साझा किया गया होगा, जिनका वह मार्गदर्शन करते हैं। मुझे लगता है कि इसके दो हिस्से थे। पहला जिसे आपने टाइपकास्टिंग और नस्लीय रूढ़िवादिता कहा है। मुझे लगता है कि यह मेरे लिए परेशान करने वाला था। दूसरा, वास्तव में यह एक भावना थी, जिसे आप जानते हैं कि टिप्पणी का क्या मतलब है। बहुत अलग-अलग लोग हैं और किसी तरह किसी ने इन्हें एकसाथ रखा है। सभी को साथ लाने में और भारत को बनाने में थोड़ा प्रयास करना पड़ा। मुझे यह और भी ज्यादा परेशान करने वाला लगता है।"
विज्ञापन
जयशंकर ने आगे कहा कि यह वास्तव में भारत को परिभाषित करने का औपनिवेशिक तरीका है। आपको भी मालूम है कि सबको साथ लाने में इसके लिए बाहरी बलों की जरूरत पड़ी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे बीच प्राकृतिक जैविक एकता है।"
पित्रोदा के बयान को बचकाना नहीं कहा जाएगा: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि वह (पित्रोदा) कोई युवा व्यक्ति नहीं हैं, इसलिए उनके बयान को बचकाना नहीं कहा जाएगा। उन्होंने आगे कहा, "मेरे लिए यह एक सोच है। एक ऐसी सोच, जिसने वास्तव में मान लिया है कि हम अलग-अलग टुकड़ों में हैं। शायद उनके विचार में किसी ने कुछ रख दिया है।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पित्रोदा का बयान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
पित्रोदा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सलाहकार रह चुके हैं और वह राहुल गांधी के भी करीबी माने जाते हैं। कई विदेश यात्राओं में पित्रोदा को राहुल के साथ देखा गया है। जयशंकर ने बताया कि पित्रोदा की टिप्पणी एक खास मानसिकता को दर्शाती है।