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मुस्लिमों को लुभाने के लिए भाजपा ने बनाया प्लान, ममता पर अनदेखी का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Jan 2018 03:16 PM IST
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भाजपा कार्यकर्ता
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में भाजपा के ब्राह्मण वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए एक सभा का आयोजन कुछ ही दिन पहले किया था। जिसके बाद आज भाजपा कलकत्ता में मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ करने के लिए एक सभा का आयोजन करने वाली है। जिसके जरिए भाजपा दिखानी चाहती है कि अल्पसंख्यक वोट बैंक केवल तृणमूल की बपौती नहीं है।
भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली हुसैन ने कहा कि यह गलतफहमी है कि केवल तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में रह रहे अल्पसंख्यकों की एकमात्र संरक्षक है। हम चाहते हैं कि भाजपा के अल्पसंख्यक कार्यकर्ता पंचायत चुनावों से आगे बढ़ें। अल्पसंख्यक तब से भाजपा का समर्थन करते हैं जब ममता बनर्जी ने तृणमूल पार्टी का निर्माण नहीं किया था।
हुसैन का दावा है कि भाजपा राज्य में अल्पसंख्यकों के लिए बेहतरीन विकल्प है। उन्होंने कहा- हर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे सबका साथ, सबका विकास में विश्वास रखता है। तृणमूल की अल्पसंख्यकों के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है, जो राज्य में केवल पिछड़ते जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों को केवल दो जबकि गुजरात में उन्हें 10 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है।
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हुसैन ने तृणमूल पर अल्पसंख्यकों को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाते हुए कहा- क्या अल्पसंख्यकों के लिए कोई नौकरी है? उन्होंने ममता के दिखावे को धोखा कहना शुरू कर दिया है। दोनों ही पार्टियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों ने इस साल मई में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले सभी का ध्यान खींचा है।
तृणमूल इस समय अपनी छवि को सुधारने का काम कर रही है इसलिए वो अपनी अल्पसंख्यकों को संतुष्ट करने की छवि को तोड़ते हुए खुद को हिंदुओं की पार्टी भी दिखाने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से पार्टी हिंदू मूल्यों को अपनाने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा भी खुद की छवि एक अल्पसंख्यक अनुकूल पार्टी वाली बना रही है।
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भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली हुसैन ने कहा कि यह गलतफहमी है कि केवल तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में रह रहे अल्पसंख्यकों की एकमात्र संरक्षक है। हम चाहते हैं कि भाजपा के अल्पसंख्यक कार्यकर्ता पंचायत चुनावों से आगे बढ़ें। अल्पसंख्यक तब से भाजपा का समर्थन करते हैं जब ममता बनर्जी ने तृणमूल पार्टी का निर्माण नहीं किया था।
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हुसैन का दावा है कि भाजपा राज्य में अल्पसंख्यकों के लिए बेहतरीन विकल्प है। उन्होंने कहा- हर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे सबका साथ, सबका विकास में विश्वास रखता है। तृणमूल की अल्पसंख्यकों के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है, जो राज्य में केवल पिछड़ते जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों को केवल दो जबकि गुजरात में उन्हें 10 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है।
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हुसैन ने तृणमूल पर अल्पसंख्यकों को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाते हुए कहा- क्या अल्पसंख्यकों के लिए कोई नौकरी है? उन्होंने ममता के दिखावे को धोखा कहना शुरू कर दिया है। दोनों ही पार्टियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों ने इस साल मई में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले सभी का ध्यान खींचा है।
तृणमूल इस समय अपनी छवि को सुधारने का काम कर रही है इसलिए वो अपनी अल्पसंख्यकों को संतुष्ट करने की छवि को तोड़ते हुए खुद को हिंदुओं की पार्टी भी दिखाने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से पार्टी हिंदू मूल्यों को अपनाने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा भी खुद की छवि एक अल्पसंख्यक अनुकूल पार्टी वाली बना रही है।