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EWS Reservation: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भाजपा ने बताया पीएम की जीत, उदित राज व स्टालिन ने की आलोचना

Mon, 07 Nov 2022 02:02 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 07 Nov 2022 02:02 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा संस्थानों में दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को बरकरार रखा है। इससे संबंधित 103वें संविधान संशोधन विधेयक को शीर्ष कोर्ट ने दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से वैध ठहराया। 

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bjp told EWS decision pms victory, udit raj challenged upper caste mindset of SC
EWS पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने दी राय। - फोटो : Social Media

विस्तार

गरीब सवर्णों को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण (EWS reservation) के केंद्र सरकार के फैसले पर 'सुप्रीम' मुहर लग गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा ने इसे पीएम नरेंद्र मोदी की जीत बताया है। उधर, कांग्रेस नेता व पूर्व नौकरशाह उदित राज ने इसकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट की उच्च जाति समर्थक मानसिकता को चुनौती देते हैं। 
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ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सराहना की है। पार्टी ने इसे देश के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने मिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत करार दिया।
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भाजपा के महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष ने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने अनारक्षित वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबों की भलाई की नीति पर मुहर और सामाजिक न्याय की दिशा में एक ओर कदम बताया। 
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मिशन मोदी की जीत
इस विचार पर सहमति व्यक्त करते हुए भाजपा महासचिव सी. टी. रवि ने कहा कि यह फैसला भारत के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने मिशन में पीएम मोदी की एक और जीत है। 

10 फीसदी आरक्षण का 103 वां संविधान संशोधन वैध
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा संस्थानों में दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को बरकरार रखा है। इससे संबंधित 103वें संविधान संशोधन विधेयक को शीर्ष कोर्ट ने दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से वैध ठहराया। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता।

ईडब्ल्यूएस आरक्षण का नहीं, सुप्रीम कोर्ट की मानसिकता का विरोध : उदित राज
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि वे ईडब्ल्यूएस आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की उच्च जाति समर्थक मानसिकता का विरोध कर रहे हैं। जब अजा-जजा को आरक्षण की बात आती है तो वह इंदिरा साहनी मामले की दुहाई देकर अजा-जजा-ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण की सीमा का हवाला दिया जाता है। आज संविधान का हवाला देकर कहा जा रहा है कि नहीं, आरक्षण की कोई सीमा नहीं है। 
 


सामाजिक न्याय के संघर्ष को आघात : स्टालिन
तमिलनाडु के सीएम व सत्तारूढ़ द्रमुक के नेता एमके स्टालिन ने भी फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आज के फैसले से करीब आधी सदी से जारी सामाजिक न्याय के संघर्ष को आघात पहुंचा है। 
 


कांग्रेस ने किया ईडब्ल्यूएस आरक्षण का समर्थन, जयराम रमेश बोले- मनमोहन सरकार ने की थी पहल
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अजा-जजा व ओबीसी के अलावा अन्य वर्गों के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण के लिए 103 वां संविधान संशोधन 2005-06 में तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा शुरू की गई पहल का नतीजा है। मनमोहन सरकार ने सिन्हो समिति गठित की थी, जिसने जुलाई 2010 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। उसके बाद व्यापक विचार विमर्श का सिलसिला शुरू हुआ और 2014 तक एक विधेयक तैयार किया गया। 

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की तैयारी : फडणवीस
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वरिष्ठ भाजपा नेता फडणवीस ने कहा कि हम राज्य में मराठा आरक्षण देने की तैयारी कर रहे हैं। तब तक पात्र लोग इस 10 फीसदी ईडब्ल्यू कोटे का लाभ ले सकते हैं। 

 

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