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Maharashtra: मराठा आरक्षण पर निष्क्रियता को लेकर BJP ने विपक्षी नेताओं पर साधा निशाना, कहा- जनता मांग रही जवाब

Fri, 29 Aug 2025 12:53 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 29 Aug 2025 12:53 PM IST
सार

Maharashtra: महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने आरोप लगाया कि विपक्षी महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान मराठा समुदाय की मांगों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि आज भी मराठा आरक्षण की मांग पर एमवीए के नेता चुप्पी साधे हुए हैं और भाजपा ने मराठाओं के लिए ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना आरक्षण की कानूनी तैयारी शुरू कर दी है।  

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BJP slams Opposition leaders for ‘inaction’ on Maratha quota
केशव उपाध्ये - फोटो : एक्स/केशव उपाध्ये

विस्तार

महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने शुक्रवार को विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पर आरोप लगाया कि जब वह सत्ता में थी, तब उसने मराठा समुदाय की मांगों की अनदेखी की। उपाध्ये ने कहा कि मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस को मराठा आरक्षण मुद्दे पर निष्क्रिय हैं। 
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उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस ने मराठा समुदाय को जानबूझकर नजरअंदाज किया। आज भी जब मनोज जरांगे बिना ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए मराठों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं, तब भी ये तीनों चुप्पी साधे हुए हैं। 
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उपाध्ये ने दावा किया कि शरद पवार पहले कह चुके हैं कि आरक्षण का मुद्दा अब नहीं उठाना चाहिए, लेकिन अब उन्होंने 'भ्रामक और बचाव वाला रुख' अपना लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' ने मराठा समुदाय की मौन रैलियों का मजाक उड़ाते हुए उन्हें 'मूक मोर्चा' कहा। कांग्रेस पर उन्होंने आरोप लगाया कि उसने मराठा समुदाय को दशकों से सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है।

उन्होंने कहा, भाजपा का रुख स्पष्ट है कि मराठा समुदाय को ओबीसी कोटा प्रभावित किए बिना आरक्षण मिलना चाहिए और इसके लिए कानूनी तैयारी चल रही है। अब समुदाय को भी शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस से दोहरे रुख की जगह स्पष्ट जवाब मांगना चाहिए। उपाध्ये ने कहा कि यह देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी, जिसने मराठाओं को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया था, जिसमें बाद में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। 
 
उन्होंने पिछली महायुति सरकार में शिंदे समिति के कार्यकाल को छह महीने बढ़ाने, मराठा आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी देने और अन्नासाहेब पाटिल वित्त निगम के माध्यम से करीब एक लाख मराठा उद्यमियों को 8,320 करोड़ रुपये की सहायता देने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजर्षि शाहू महाराज शुल्क भरपाई योजना के तहत अब तक 9,262 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे 17.54 लाख छात्रों को लाभ हुआ है। 

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उपाध्ये ने कहा, फडणवीस सरकार मराठा समुदाय के प्रति संवेदनशील रही है और उसने उनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इसके विपरी शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के पास कोई स्पष्ट नीति, कोई जवाबदेही और कोई दिशा नहीं है। इनकी राजनीति महाराष्ट्र में सामाजिक न्याय के साथ विश्वासघात है और जनता को इसे पूरी तरह खारिज करना चाहिए। 

मराठा आरक्षण आंदोलन से धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
आज सुबह मुंबई में दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि हजारों मराठा आंदोलनकारी दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान की ओर बढ़ रहे थे।  शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में यातायात काफी धीमा हो गया, खासकर उन सड़कों पर जो छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) की ओर जाती हैं।


सुबह के व्यस्त समय में सीएसएमटी के आसपास कई बसें लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में फंसी रहीं। हर दिन लाखों लोग सीएसएमटी स्टेशन पहुंचकर वहां से नरिमन पॉइंट, फोर्ट, कालबादेवी और क्रॉफर्ड मार्केट जैसे व्यापारिक इलाकों में पैदल, बीईएसटी बसों या टैक्सी से अपने दफ्तरों तक जाते हैं। शुक्रवार को इन सभी को भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

मध्य रेलवे की लोकल ट्रेन सेवा में आई तकनीकी खराबी ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया। एक मालगाड़ी के इंजन में खराबी आ जाने से बायकुला स्टेशन के पास लोकल ट्रेनें जमा हो गईं और मुख्य लाइन पर देरी होने लगी। कई यात्रियों ने शिकायत की कि लोकल ट्रेनें सामान्य से कहीं ज्यादा भीड़भरी थीं और बस स्टॉप पर बीईएसटी की बसें समय पर नहीं मिल रही थीं।

एक लोकल ट्रेन यात्री ने बताया, सभी उपनगरीय स्टेशन और हार्बर लाइन की लोकल ट्रेनें सामान्य दिनों से ज्यादा भीड़भरी थीं। वडाला से लेकर सीएसएमटी तक सभी स्टेशनों पर मराठा आंदोलनकारी मौजूद थे। प्रदर्शन के कारण बीईएसटी की बस सेवाओं में देरी हुई और कई मुख्य मार्गों को डायवर्ट या छोटा करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि कई बसें जरूरत से ज्यादा भरी हुई थीं।


 
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