Bengal Food Security: 'खाद्य सुरक्षा पर ममता सरकार के दावे गरीबों के साथ क्रूर मजाक', भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा का आरोप है कि जब राज्य पर 2026 तक 7.72 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने का अनुमान है, तब ममता सरकार लोगों को भूखा रख रही है। अमित मालवीय ने कहा, '2026 में भाजपा इस तमाशे को खत्म करेगी और बंगाल को असली खाद्य सुरक्षा देगी।'
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अमित मालवीय ने सीएम ममता पर साधा निशाना
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ममता बनर्जी का फूड सिक्योरिटी भाषण गरीबों के साथ क्रूर मजाक है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 ने उनके सारे बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है।' उन्होंने बताया कि राज्य के कई जिलों में बच्चों में कुपोषण और ऊंचाई के मुकाबले कम वजन की समस्या बढ़ी है। इस मामले में कोलकाता में 11.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी, दार्जिलिंग में 9.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी, दक्षिण दिनाजपुर में 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी और हावड़ा में 6.7 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई हैं।
Mamata Banerjee’s “food security” sermon is nothing but a cruel joke on the poor of West Bengal!
📊 National Family Health Survey - 5 exposes her tall claims:
•69% of Bengal’s children (6–59 months) are anaemic — up from 54% (NFHS -4)!
•71% women & 39% men anaemic.… pic.twitter.com/RcdTMiPru1— Amit Malviya (@amitmalviya) September 1, 2025
ममता सरकार की अन्य योजनाओं पर भी सवाल
भाजपा नेता ने ममता की 'खाद्यसाथी' और 'दुआरे राशन' योजनाओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं असल में लोगों के लिए नहीं, बल्कि उनके भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के लिए दावत बन गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'ममता केवल अपने भ्रष्ट सहयोगियों की भूख मिटा रही हैं, आम जनता की नहीं।'
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ममता सरकार लोगों को भूखा रख रही है- मालवीय
बता दें कि ममता बनर्जी ने हाल ही में एक्स पर लिखा था कि उनकी सरकार ने राज्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है और कई कल्याणकारी योजनाओं के तहत लोगों के घर-घर राशन और खाद्यान्न पहुंचाए जा रहे हैं।