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BJP: 'ये 50 साल बाद भी संविधान को कूड़े में फेंकने की मानसिकता से बाहर नहीं आ पाए', भाजपा का कांग्रेस पर हमला
Mon, 30 Jun 2025 12:16 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 30 Jun 2025 12:16 PM IST
सार
रविवार को पटना के गांधी मैदान पर वक्फ कानून के खिलाफ विपक्षी इंडी गठबंधन ने मुस्लिम संगठनों की विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें वक्फ कानून को लागू ने होने देने की बात कही गई। इस पर भाजपा ने पूछा है कि 'क्या विपक्षी गठबंधन सऊदी अरब, इंडोनेशिया से भी बड़ा शरिया कानून बिहार में लागू करना चाहते हैं?'
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सुधांशु त्रिवेदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विपक्षी इंडी गठबंधन ने वक्फ कानून के खिलाफ रविवार को पटना के गांधी मैदान में मुस्लिम संगठनों की विशाल रैली का आयोजन किया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार बनी तो वक्फ कानून राज्य में लागू नहीं होगा और उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस कानून को कूड़ेदान में फेंकने का काम करेगी। अब भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
'पुरानी मानसिकता से अभी भी बाहर नहीं आया विपक्ष'
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 'भारत के लोकतांत्रित इतिहास के सबसे काले अध्याय आपातकाल की हाल ही में 50वीं वर्षगांठ मनाई गई, लेकिन ये दुख की बात है कि कल पटना के गांधी मैदान में आयोजित रैली में तेजस्वी यादव ने कहा कि वे संसद द्वारा पारित कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे। उन्होंने वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंकने की बात कही, जिसे भारत की संसद के दोनों सदनों ने पारित किया। इसका मतलब है कि उनके मन में विधायिका, न्यायपालिका के लिए कोई सम्मान नहीं है। तेजस्वी यादव और इंडी गठबंधन के नेताओं ने वोट बैंक के लिए ऐसा कहा। इससे साफ है कि ये लोग अभी भी 50 साल पुरानी संविधान को कूड़ेदान में फेंकने वाली मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं।'
ये भी पढ़ें- हिंदी भाषा विवाद: 'झूठ बोलना भाजपा की राष्ट्रीय नीति, महाराष्ट्र में ऐसे ही काम हो रहा', BJP पर राउत का पलटवार
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'क्या बिहार में शरिया कानून लागू करना चाहता है विपक्षी गठबंधन?'
भाजपा सांसद ने कहा कि 'मैं इंडी गठबंधन के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे बिहार में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। वक्फ कानून के जिन प्रावधानों के खिलाफ विपक्षी नेता बार-बार बोल रहे हैं क्या वो इस्लाम की जन्मस्थली सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्किये में लागू हैं? नहीं, यहां तक कि आईएसआईएस के प्रभाव वाले सीरिया, इराक में भी ऐसा कानून नहीं है। क्या विपक्षी गठबंधन सऊदी अरब, इंडोनेशिया से भी बड़ा शरिया कानून बिहार में लागू करना चाहते हैं?'
भाजपा नेता ने कहा कि 'राजद, समाजवादी पार्टी आदि पार्टियां समाजवाद का चोला ओढ़ती हैं, लेकिन ये गरीब और शोषित मुस्लिमों के हक के लिए नहीं खड़ी हैं बल्कि चंद लोगों के हितों का ध्यान रख रही हैं। राजद और सपा के समाजवाद को कतई समाजवाद नहीं कहा जा सकता बल्कि इसे 'नमाजवाद' कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई बाबा साहब आंबेडकर के संविधान को कूड़ेदान में फेंकने की बात करता है तो भाजपा और एनडीए ऐसा नहीं होने देंगे।'
ये भी पढ़ें- RSS: संघ सरकार्यवाह होसबाले के संविधान पर दिए बयान पर सियासी बवाल, युवा कांग्रेस ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
'संविधान को मौलवी स्क्रिप्ट में बदलना चाहता है इंडी गठबंधन'
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 'विपक्षी इंडी गठबंधन बाबा साहब के संविधान का मजाक उड़ाकर उसे मौलवी स्क्रिप्ट में बदलना चाहता है। राममनोहर लोहिया, जेपी, भारत रत्न कर्पुरी ठाकुर के समाजवाद के साथ हम खड़े हैं, लेकिन ये उनके साथ खड़े हैं, जो तीन तलाक, हलाला और सिर तन से जुदा के समर्थक हैं और आतंकियों को अपना हाफिज बनाना चाहते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि इनकी सरकारों में बड़ी संख्या में संस्थाओं को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया और अल्पसंख्यत दर्जा देने का मतलब है कि वहां एससी-एसटी आरक्षण लागू नहीं होगा। ये नमाजवादी लोग ज्यादा से ज्यादा संस्थाओं को अल्पसंख्यक दर्जा देकर पिछले दरवाजे से पिछड़ों और दलितों का आरक्षण खत्म कर रहे हैं।'
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'पुरानी मानसिकता से अभी भी बाहर नहीं आया विपक्ष'
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 'भारत के लोकतांत्रित इतिहास के सबसे काले अध्याय आपातकाल की हाल ही में 50वीं वर्षगांठ मनाई गई, लेकिन ये दुख की बात है कि कल पटना के गांधी मैदान में आयोजित रैली में तेजस्वी यादव ने कहा कि वे संसद द्वारा पारित कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे। उन्होंने वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंकने की बात कही, जिसे भारत की संसद के दोनों सदनों ने पारित किया। इसका मतलब है कि उनके मन में विधायिका, न्यायपालिका के लिए कोई सम्मान नहीं है। तेजस्वी यादव और इंडी गठबंधन के नेताओं ने वोट बैंक के लिए ऐसा कहा। इससे साफ है कि ये लोग अभी भी 50 साल पुरानी संविधान को कूड़ेदान में फेंकने वाली मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं।'
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'क्या बिहार में शरिया कानून लागू करना चाहता है विपक्षी गठबंधन?'
भाजपा सांसद ने कहा कि 'मैं इंडी गठबंधन के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे बिहार में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। वक्फ कानून के जिन प्रावधानों के खिलाफ विपक्षी नेता बार-बार बोल रहे हैं क्या वो इस्लाम की जन्मस्थली सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्किये में लागू हैं? नहीं, यहां तक कि आईएसआईएस के प्रभाव वाले सीरिया, इराक में भी ऐसा कानून नहीं है। क्या विपक्षी गठबंधन सऊदी अरब, इंडोनेशिया से भी बड़ा शरिया कानून बिहार में लागू करना चाहते हैं?'
भाजपा नेता ने कहा कि 'राजद, समाजवादी पार्टी आदि पार्टियां समाजवाद का चोला ओढ़ती हैं, लेकिन ये गरीब और शोषित मुस्लिमों के हक के लिए नहीं खड़ी हैं बल्कि चंद लोगों के हितों का ध्यान रख रही हैं। राजद और सपा के समाजवाद को कतई समाजवाद नहीं कहा जा सकता बल्कि इसे 'नमाजवाद' कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई बाबा साहब आंबेडकर के संविधान को कूड़ेदान में फेंकने की बात करता है तो भाजपा और एनडीए ऐसा नहीं होने देंगे।'
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'संविधान को मौलवी स्क्रिप्ट में बदलना चाहता है इंडी गठबंधन'
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 'विपक्षी इंडी गठबंधन बाबा साहब के संविधान का मजाक उड़ाकर उसे मौलवी स्क्रिप्ट में बदलना चाहता है। राममनोहर लोहिया, जेपी, भारत रत्न कर्पुरी ठाकुर के समाजवाद के साथ हम खड़े हैं, लेकिन ये उनके साथ खड़े हैं, जो तीन तलाक, हलाला और सिर तन से जुदा के समर्थक हैं और आतंकियों को अपना हाफिज बनाना चाहते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि इनकी सरकारों में बड़ी संख्या में संस्थाओं को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया और अल्पसंख्यत दर्जा देने का मतलब है कि वहां एससी-एसटी आरक्षण लागू नहीं होगा। ये नमाजवादी लोग ज्यादा से ज्यादा संस्थाओं को अल्पसंख्यक दर्जा देकर पिछले दरवाजे से पिछड़ों और दलितों का आरक्षण खत्म कर रहे हैं।'