{"_id":"592d98ad4f1c1bc771bda920","slug":"bjp-president-amit-shah-given-speech-in-rss-class","type":"story","status":"publish","title_hn":"संघ में बढ़ी शाह की स्वीकार्यता, तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण में हुआ शाह का बौद्धिक संबोधन","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
संघ में बढ़ी शाह की स्वीकार्यता, तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण में हुआ शाह का बौद्धिक संबोधन
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 May 2017 09:37 PM IST
विज्ञापन
Amit shah
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की राजनीति का बडा चेहरा बनने के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की स्वीकार्यता संघ में भी बढी है। यही वजह है कि संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें नागपुर में चल रहे तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण में शाह का संबोधन कराने का निर्णय लिया। सूत्र बताते हैं कि 28 मई को संघ मुख्यालय नागपुर नागपुर पहुंचे शाह की चर्चा किसी राजनीतिक वजहों को लेकर नहीं थी। बल्कि उन्हें नागपुर में चल रहे संघ के तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण शिविर में संबोधन देना था। संघ प्रमुख मोहन राव भागवत के साथ शाह की राजनीतिक चर्चा 6 दिन पहले ही दिल्ली में हो चुकी है। सोमवार नागपुर पहुंचने के बाद शाह संघ मुख्यालय गए और वहां तृतीय वर्ष की ट्रेनिंग ले रहे वरिष्ठ स्वयंसेवकों को देश की वर्तमान राजनीति और मोदी सरकार के प्रयासों से उन्हें अवगत कराया। शाह के अलावा भाजपा महासचिव राम माधव भी चंद दिनों पहले इस वर्ष के वर्ग में संबोधन कर चुके हैं।
कैसे बढी संघ में शाह की स्वीकार्यता
तृतीय वर्ष प्रशिक्षण में शाह के संबोधन को संघ में उनकी बढती स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है। लंबे अरसे के बाद किसी भाजपा अध्यक्ष का संघ के प्रशिक्षण वर्ग में संबोधन हुआ है। इससे पहले लाल कृष्ण आडवाणी, डा मुरली मनोहर जोशी और विष्णु कांत शास्त्री सरीखे नेताओं का ही संघ के इस सबसे बडे प्रशिक्षण वर्ग में संबोधन हुआ है। लेकिन सोमवार 29 मई को नागपुर पहुंचे शाह ने संघ के तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित किया। हालांकि उनके इस संबोधन से संघ के कई पुराने प्रचारक आश्चर्य में हैं। मगर कहा यह जा रहा है कि संघ प्रमुख मोहन राव भागवत के साथ शाह के रिश्ते बेहद मधुर बन गए हैं। वैसे ऐसा होना भाजपा और संघ दोनों के लिए ही बेहत्तर हैं। वर्तमान भाजपा में अब तक संघ के बेहद करीबी विश्वास पात्रों में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को माना जाता था। लेकिन इस श्रेणी में अब शाह का नाम भी जुड गया है।
क्या है संघ का तृतीय वर्ष प्रशिक्षण
संघ अपने कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के मकसद से प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करता रहता है। इसके जरिए नए स्वयंसेवकों को संघ कार्य की जिम्मेदारी लायक वह तराशने का काम करता है। संघ में वैसे तो पांच प्रकार का प्रशिक्षण होता है। मगर संघ अपने चार प्रशिक्षणों को ही अधिकारिक मानता है। संघ अधिकारिक प्रशिक्षण में प्राथमिक, प्रथम वर्ष, दूसरा वर्ष और तृतीय वर्ष है। शीत सत्र का आयोजन संघ केवल नए स्वयंसेवकों को आकर्षित करने के मकसद से करता है। प्राथमिक वर्ग का आयोजन स्थानीय इलाकों में होते हैं। प्रथम और दूसरा वर्ष का आयोजन संघ अपने प्रांत की इकाई के स्तर पर आयोजित करता है। लेकिन देशभर से चुनकर आने वाले वरिष्ठ स्वयंसेवकों को तृतीय वर्ष प्रशिक्षण नागपुर में आयोजित किया जाता है।
विज्ञापन
वर्तमान तृतीय वर्ष में 1000 से ज्यादा स्वयंसेवक हुए शरीक
संघ के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग की शुरुआत 15 मई को हुई। इसका समापन 8 जून को होगा। करीब 1050 से ज्यादा संघ के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रशिक्षण वर्ग में भाग ले रहे हैं। इस वर्ग वर्ग का उदघाटन संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने किया।
विज्ञापन
कैसे बढी संघ में शाह की स्वीकार्यता
तृतीय वर्ष प्रशिक्षण में शाह के संबोधन को संघ में उनकी बढती स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है। लंबे अरसे के बाद किसी भाजपा अध्यक्ष का संघ के प्रशिक्षण वर्ग में संबोधन हुआ है। इससे पहले लाल कृष्ण आडवाणी, डा मुरली मनोहर जोशी और विष्णु कांत शास्त्री सरीखे नेताओं का ही संघ के इस सबसे बडे प्रशिक्षण वर्ग में संबोधन हुआ है। लेकिन सोमवार 29 मई को नागपुर पहुंचे शाह ने संघ के तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित किया। हालांकि उनके इस संबोधन से संघ के कई पुराने प्रचारक आश्चर्य में हैं। मगर कहा यह जा रहा है कि संघ प्रमुख मोहन राव भागवत के साथ शाह के रिश्ते बेहद मधुर बन गए हैं। वैसे ऐसा होना भाजपा और संघ दोनों के लिए ही बेहत्तर हैं। वर्तमान भाजपा में अब तक संघ के बेहद करीबी विश्वास पात्रों में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को माना जाता था। लेकिन इस श्रेणी में अब शाह का नाम भी जुड गया है।
विज्ञापन
क्या है संघ का तृतीय वर्ष प्रशिक्षण
संघ अपने कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के मकसद से प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करता रहता है। इसके जरिए नए स्वयंसेवकों को संघ कार्य की जिम्मेदारी लायक वह तराशने का काम करता है। संघ में वैसे तो पांच प्रकार का प्रशिक्षण होता है। मगर संघ अपने चार प्रशिक्षणों को ही अधिकारिक मानता है। संघ अधिकारिक प्रशिक्षण में प्राथमिक, प्रथम वर्ष, दूसरा वर्ष और तृतीय वर्ष है। शीत सत्र का आयोजन संघ केवल नए स्वयंसेवकों को आकर्षित करने के मकसद से करता है। प्राथमिक वर्ग का आयोजन स्थानीय इलाकों में होते हैं। प्रथम और दूसरा वर्ष का आयोजन संघ अपने प्रांत की इकाई के स्तर पर आयोजित करता है। लेकिन देशभर से चुनकर आने वाले वरिष्ठ स्वयंसेवकों को तृतीय वर्ष प्रशिक्षण नागपुर में आयोजित किया जाता है।
विज्ञापन
वर्तमान तृतीय वर्ष में 1000 से ज्यादा स्वयंसेवक हुए शरीक
संघ के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग की शुरुआत 15 मई को हुई। इसका समापन 8 जून को होगा। करीब 1050 से ज्यादा संघ के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रशिक्षण वर्ग में भाग ले रहे हैं। इस वर्ग वर्ग का उदघाटन संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने किया।