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Waqf Law: ईसाइयों में पैठ बढ़ाने की तैयारी में BJP; केरल समेत ईसाई प्रभाव वाले 13 राज्यों के लिए विशेष रणनीति

Tue, 22 Apr 2025 06:03 AM IST
Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Tue, 22 Apr 2025 06:03 AM IST
सार

ईसाइयों का आधार आदिवासी प्रभाव वाले राज्यों झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, गोवा जैसे राज्यों में भी पार्टी व्यापक स्तर पर ईसाई सद्भाव बैठकों का आयोजन करेगी। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि आदिवासी प्रभाव वाले इन राज्यों के कई जिलों में ईसाई समुदाय की संख्या अच्छी खासी है।

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BJP preparing to increase special strategy for 13 Christian-dominated states including Kerala
वक्फ संपत्ति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वक्फ संशोधन कानून मामले में सुप्रीम कोर्ट के रुख के कारण हालांकि हालात स्पष्ट नहीं हैं, मगर भाजपा को लगता है कि यह कानून  ईसाई समुदाय के प्रभाव वाले राज्यों में मुसलमान प्रभाव वाले राज्यों की तुलना में उसके लिए अधिक गेमचेंजर साबित होगा। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस कानून के कारण उसकी देश के दूसरे सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय ईसाइयों में पैठ बढ़ेगी, जिसका असर दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत, गोवा और मुंबई में दिखाई देगा। यही कारण है कि पसमांदा मुसलमानों को साधने के लिए जहां पार्टी ने रविवार से वक्फ सुधार जनजागरण अभियान शुरू किया है, वहीं ईसाइयों को साधने के लिए इस समुदाय के प्रभाव वाले 13 राज्यों के चुनिंदा जिलों में ईसाई सद्भाव बैठकों का सिलसिला शुरू किया है।

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इस अभियान से जुड़े पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस कानून का लिटमस टेस्ट केरल में होगा जहां इस समुदाय की आबादी करीब 18.4 प्रतिशत है। यहां दिसंबर में निकाय और अगले साल अप्रैल महीने में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। वक्फ बोर्ड और परिषद को मिली मनमानी से इसी राज्य के ईसाई सर्वाधिक पीडि़त हैं। खासतौर से निकाय चुनाव के परिणाम हमें बताएंगे कि इस कानून का ईसाई समुदाय पर क्या असर पड़ा। इसके अलावा इसी साल संभावित बीएमसी चुनाव में भी इसका लिटमस टेस्ट होगा, जहां इस समुदाय की आबादी करीब 4 प्रतिशत है।
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 इसलिए पड़ी जरूरत
यह भाजपा के विस्तार की संभावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। ईसाई आबादी का एक तिहाई दक्षिण भारत, गोवा और मुंबई में रहता है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर ईसाई बाहुल्य हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश, में 30 फीसदी आबादी के साथ यह समुदाय जनादेश तय करने में अहम भूमिका निभाता है। तमिलनाडु जहां इस समुदाय की आबादी करीब छह फीसदी है और मुंबई जहां इसकी आबादी करीब 3.5% है, वहां क्रमश: विधानसभा और बीएमसी के चुनाव होने हैं।
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आदिवासी प्रभाव वाले राज्यों पर भी नजर
इन राज्यों के अतिरिक्त ईसाइयों का आधार आदिवासी प्रभाव वाले राज्यों झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, गोवा जैसे राज्यों में भी पार्टी व्यापक स्तर पर ईसाई सद्भाव बैठकों का आयोजन करेगी। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि आदिवासी प्रभाव वाले इन राज्यों के कई जिलों में ईसाई समुदाय की संख्या अच्छी खासी है। इन राज्यों के आदिवासी दशकों पहले धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने हैं। इन राज्यों के ईसाइयों को भी पुराने वक्फ कानून के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

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