मोदी के अपने ही सांसद ने कराई सरकार की किरकिरी
सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सिंह ने कहा कि रिलायंस को लेकर मोदी सरकार की नीति भी वही है, जो पिछली यूपीए सरकार की थी। उन्होंने कहा कि यह संसद सालों से गवाह है कि रिलायंस को लेकर सरकारों की नीति नहीं बदली है।
हालांकि, भोला सिंह के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के बारे में तो सबको पता है लेकिन वर्तमान सरकार ने कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने नेल्प प्रक्रिया में सरकार की पारदर्शी कदम का उदाहरण भी रखा।
भाजपा के वरिष्ठ सांसद
बावजूद इसके सिंह ने दोबारा सवाल पूछा कि राजनीति में भ्रष्टाचार न हो और रिलायंस जैसी कंपनियों का बोलबाला न रहे, इसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? इस पर प्रधान ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार न्यूनतम शासन और अधिकतम प्रशासन के नजरिये से काम कर रही है।
दरअसल भोला सिंह की गिनती भाजपा के वरिष्ठ सांसदों में होती है। लेकिन पार्टी और सरकार में पूछ न होने की वजह से उनके बोल सरकार के ही खिलाफ होने लगे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भी उन्होंने पराजय के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया था।