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Gujarat: लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा को झटका, सावली से विधायक केतन इनामदार ने दिया इस्तीफा

Tue, 19 Mar 2024 11:03 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 19 Mar 2024 11:03 AM IST
सार

इनामदार वडोदरा जिले की सावली सीट से तीन बार विधायक रहे हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को सौंपा। उन्होंने पत्र में कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दे रहे हैं।
 

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BJP MLA ketan inamdar resigns from Gujarat assembly ahead of Lok Sabha polls news and update
केतन इनामदार ने दिया इस्तीफा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही सियासी समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। अभी तक जहां कांग्रेस पार्टी के नेता उनका साथ छोड़ रहे थे। वहीं अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भी झटका लगा है। लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में भाजपा के विधायक केतन इनामदार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।

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वडोदरा जिले की सावली विधानसभा क्षेत्र में अगर जाएंगे तो शायद ही कोई ऐसा होगा जो केतन इनामदार को नहीं जानता होगा। समर्थकों और प्रशंसकों के लिए केतन इनामदार 'छोटे सरकार' हैं, तो वहीं विपक्ष के लिए ऐसी चुनौती जिसका कोई तोड़ नहीं है। पहली बार निर्दलीय जीतकर केसरिया इश्क में रंगे केतन इनामदार दो बार भाजपा से जीत चुके हैं। सावली की राजनीति में जो वर्तमान परिस्थिति है उसके हिसाब से केतन को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। वे वडोदरा की सांसद रंजनबेन भट्ट के काफी करीबी हैं। केतन उन्हें बहन मानते हैं। केतन भले ही ग्रामीण की विधानसभा से विधायक हैं लेकिन उनकी सक्रियता शहर में भी दिखती है।
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अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी
इनामदार वडोदरा जिले की सावली सीट से तीन बार विधायक रहे हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को सौंपा। उन्होंने पत्र में कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दे रहे हैं।
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तीन बार जीत चुके हैं इनामदार
गौरतलब है, इनामदार ने पहली बार 2012 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। साल 2017 और 2022 में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। 

पहले भी दे चुके हैं इस्तीफा
ऐसा नहीं है कि इनामदार ने पहली बार इस्तीफा दिया है। उन्होंने साल 2020 में भी इस्तीफे का एलान किया था, हालांकि तब इसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया था। इनामदार ने तब आरोप लगाया था कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों ने उन्हें और उनके चुनाव क्षेत्र की उपेक्षा की।

इनामदार ने यह भी दावा किया था कि भाजपा में बहुत से विधायक उनकी तरह हताश हैं। इसी बीच कांग्रेस ने इनामदार को विपक्षी दल में शामिल होने का न्योता दिया था। हालांकि भाजपा को विश्वास था कि वह इनामदार को इस्तीफा वापस लेने के लिए मना लेगी और ऐसा ही हुआ। 


182 सीटों में से भाजपा के पास 156 सीटें
गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीटों में से भाजपा के पास 156 सीटें हैं। गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटों पर सात मई को एक ही चरण में मतदान होगा और मतगणना चार जून को होगी।

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