{"_id":"68973c0832f42272d60cb032","slug":"bjp-led-alliance-no-political-will-to-resolve-manipur-crisis-congress-2025-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manipur: 'भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में मणिपुर संकट को सुलझाने की इच्छाशक्ति नहीं', कांग्रेस ने साधा निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manipur: 'भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में मणिपुर संकट को सुलझाने की इच्छाशक्ति नहीं', कांग्रेस ने साधा निशाना
Sat, 09 Aug 2025 05:46 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 09 Aug 2025 05:46 PM IST
सार
Manipur: कांग्रेस ने मणिपुर संकट को भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा में 54 विधायकों के बावजूद वह राज्य सरकार नहीं बना पा रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति शासन के बावजूद मणिपुर में हालात सामान्य नहीं हैं, लोग आज भी डर के माहौल में हैं और सरकार लोगों की समस्याएं नहीं सुन रही है।
विज्ञापन
मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष केशम मेघचंद्र
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में मणिपुर संकट को सुलझाने की कोई राजनीतिक इच्छा नहीं है। विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि भले ही भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 60 सदस्यीय विधानसभा में 54 विधायक हों, फिर भी वह राज्य में सरकार नहीं बना पा रही है।
मणिपुर कांग्रेस प्रमुख केशम मेघचंद्र ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' की वर्षगांठ के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बाद भले ही गोलीबारी रुकी हो, लेकिन लोग आज भी स्वतंत्र रूप से आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में संसद ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त के बाद और छह महीने तक बढ़ाने की मंजूरी दी।
ये भी पढ़ें: आरजी कर केस: 'पुलिस ने बिना उकसावे के मारपीट की, चूड़ियां तोड़ दीं...', पीड़िता की मां का आरोप
विज्ञापन
'हम राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने के पक्ष में नहीं'
मेघचंद्र ने कहा, हमने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भाजपा नेतृत्व को कई बार सुझाव और ज्ञापन दिए, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार हमारे विचारों को गंभीरता से नहीं लेती। राष्ट्रपति शासन 13 फरवरी को लगाया गया था, जिसके बाद भले ही गोलियां चलनी बंद हो गई हों, लेकिन लोगों की आवाजाही अब भी बाधित है। उन्होंने कहा, राज्य में समाज कल्याण की योजनाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं और वित्तीय स्थिति बहुत खराब है। हम राष्ट्रपति शासन को और छह महीने तक बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। अब लोगों की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है।
'कई गुना बढ़ गईं लोगों की परेशानियां'
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास मणिपुर संकट को हल करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति ही नहीं है। उन्होंने कहा, भाजपा और उसके सहयोगियों के पास 60 सदस्यीय सदन में 54 विधायक हैं, इसके बावजूद वे सरकार नहीं बना पा रहे हैं। मेघचंद्र ने दावा किया कि राज्य में विकास पूरी तरह रुक गया है और केंद्र की ओर से दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं भी लोगों तक नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा, प्रशासन की विफलता के कारण लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं।
ये भी पढ़ें: 'अगर चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं तो लोकसभा से इस्तीफा दें..', भाजपा का राहुल गांधी पर पलटवार
कांग्रेस ने मणिपुर के लिए कम बजट की आलोचना की
मेघचंद्र ने केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से मणिपुर के लिए पेश किए गए बजट की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, हाल ही में संसद में पास किया गया बजट बहुत छोटा है और राहत शिविरों के लिए आवंटित धनराशि नाकाफी है। हम इस बजट से बेहद निराश हैं।
लोकसभा में मणिपुर विनियोग विधेयक 2025 पारित
गुरुवार को लोकसभा ने मणिपुर विनियोग विधेयक, 2025 को पारित किया, जिससे राज्य को मौजूदा वित्तीय वर्ष में 30,969 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई। मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क गई थी, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की जान गई है। वहीं, करीब 1,500 लोग घायल हुए हैं और 70,000 से अधिक लोग बेघर हुए हैं।
विज्ञापन
मणिपुर कांग्रेस प्रमुख केशम मेघचंद्र ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' की वर्षगांठ के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बाद भले ही गोलीबारी रुकी हो, लेकिन लोग आज भी स्वतंत्र रूप से आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में संसद ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त के बाद और छह महीने तक बढ़ाने की मंजूरी दी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: आरजी कर केस: 'पुलिस ने बिना उकसावे के मारपीट की, चूड़ियां तोड़ दीं...', पीड़िता की मां का आरोप
विज्ञापन
'हम राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने के पक्ष में नहीं'
मेघचंद्र ने कहा, हमने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भाजपा नेतृत्व को कई बार सुझाव और ज्ञापन दिए, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार हमारे विचारों को गंभीरता से नहीं लेती। राष्ट्रपति शासन 13 फरवरी को लगाया गया था, जिसके बाद भले ही गोलियां चलनी बंद हो गई हों, लेकिन लोगों की आवाजाही अब भी बाधित है। उन्होंने कहा, राज्य में समाज कल्याण की योजनाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं और वित्तीय स्थिति बहुत खराब है। हम राष्ट्रपति शासन को और छह महीने तक बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। अब लोगों की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है।
'कई गुना बढ़ गईं लोगों की परेशानियां'
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास मणिपुर संकट को हल करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति ही नहीं है। उन्होंने कहा, भाजपा और उसके सहयोगियों के पास 60 सदस्यीय सदन में 54 विधायक हैं, इसके बावजूद वे सरकार नहीं बना पा रहे हैं। मेघचंद्र ने दावा किया कि राज्य में विकास पूरी तरह रुक गया है और केंद्र की ओर से दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं भी लोगों तक नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा, प्रशासन की विफलता के कारण लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं।
ये भी पढ़ें: 'अगर चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं तो लोकसभा से इस्तीफा दें..', भाजपा का राहुल गांधी पर पलटवार
कांग्रेस ने मणिपुर के लिए कम बजट की आलोचना की
मेघचंद्र ने केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से मणिपुर के लिए पेश किए गए बजट की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, हाल ही में संसद में पास किया गया बजट बहुत छोटा है और राहत शिविरों के लिए आवंटित धनराशि नाकाफी है। हम इस बजट से बेहद निराश हैं।
लोकसभा में मणिपुर विनियोग विधेयक 2025 पारित
गुरुवार को लोकसभा ने मणिपुर विनियोग विधेयक, 2025 को पारित किया, जिससे राज्य को मौजूदा वित्तीय वर्ष में 30,969 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई। मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क गई थी, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की जान गई है। वहीं, करीब 1,500 लोग घायल हुए हैं और 70,000 से अधिक लोग बेघर हुए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन