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यूपी में सपा से है भाजपा का मुख्य मुकाबला: अमित शाह 

Wed, 25 May 2016 08:31 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 25 May 2016 08:31 PM IST
सार

  • असम से ज्यादा अनुकूल है उत्तर प्रदेश, अपना दल के अलावा अभी किसी दल से समझौते की बात नहीं
  • किसी नेता को चेहरा बनाने पर नहीं हुआ है फैसला

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BJP has direct fight with SP in UP: Shah
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह - फोटो : Getty

विस्तार

चुनावी सर्वे भले ही बसपा को उत्तर प्रदेश में बढ़त दिखाते रहें हों लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का मानना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुख्य मुकाबला सपा से है। उन्होंने कहा है कि सपा के पास आधार और कार्यकर्ता हैं। बसपा के बारे में उन्होंने सीधी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि उप्र में असम की तरह किसी नेता को सीएम पद का प्रत्याशी घोषित किए जाने के बारे में अभी कोई विचार नहीं हुआ है।

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अपना दल के अलावा किसी और दल से समझौते के बारे में भी कोई बातचीत नहीं हुई है। शाह ने कहा कि राम मंदिर भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में है। हम विवाद का हल सर्वसम्मति से या कोर्ट के निर्णय से चाहते हैं। मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल पूरे होने पर पत्रकारों से बातचीत में शाह ने कहा कि सफलता को बरक
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रार रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा ने कई राज्यों में चुनाव जीते हैं जहां लीडरशिप को प्रोजेक्ट नहीं किया गया था। उप्र में पार्टी का व्यापक जनाधार है। भाजपा पहले वहां सरकार में रह चुकी है।
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असम में स्थिति अलग थी वहां भाजपा पहली बार सरकार बनाने में सफल हुई है। यह पूछे जाने पर कांग्रेस और बसपा के बीच समझौता होने पर स्थिति क्या होगी? शाह ने कहा कि तब का आकलन अलग से करेंगे। अभी की स्थिति में मुकाबला सपा से ही है। अजित सिंह की पार्टी से समझौते का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

उप्र में अकेले दम पर लड़ेंगे

BJP has direct fight with SP in UP: Shah
अमित शाह - फोटो : ‌file photo

अमित शाह ने कहा कि भाजपा बड़ी पार्टी है और उप्र में अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगी। उप्र में प्रशासन ध्वस्त है। भ्रष्टाचार है। इस स्थिति से लोग ऊब चुके हैं
और भाजपा की स्वीकार्यता सभी वर्गों में है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहारनपुर के दौरे का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। सरकार के दो साल पूरे होने पर उनकी कई रैलियां हो रही हैं। सहारनपुर में भी उसी क्रम में रैली है।

इलाहाबाद में 12-13 जून को कार्यकारिणी की बैठक के बारे में शाह ने कहा कि वैसी बैठकों में किसी को चेहरा बनाने के बारे में कोई फैसला नहीं होता। 

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