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सियासत: बाहुबली आनंद मोहन की रिहाई पर बंट गई भाजपा, दलित बनाम राजपूत के फेर में उलझी पार्टी

Thu, 27 Apr 2023 05:46 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 27 Apr 2023 05:46 AM IST
सार

पूर्व सांसद आनंद मोहन 15 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद बुधवार को सहरसा जेल पहुंचे। उन्हें दोपहर 12:00 बजे तक जेल पहुंचना था, लेकिन शाम 4:10 बजे पहुंचे। माना जा रहा है कि आनंद मोहन बृहस्पतिवार को जेल से रिहा किए जाएंगे।

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BJP divided on the release of Bahubali Anand Mohan
आनंद मोहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार जेल नियमावली में बदलाव कर बाहुबली आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ होने पर भाजपा दो खेमों में बंट गई है। राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के उलट रुख अपनाते हुए फैसले को न सिर्फ उचित ठहराया है, बल्कि आनंद मोहन को पीड़ित, निर्दोष और बेचारा बताते हुए राज्य सरकार से प्रायश्चित करने की भी मांग की है। अलग-अलग रुख से यह संदेश जा रहा है कि पार्टी राज्य में दलित बनाम राजपूत की सियासत में उलझ गई है।

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मालूम हो कि आईएएस जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे आनंद की रिहाई पर केंद्रीय नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया था। पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के मुखिया और प्रवक्ता अमित मालवीय ने इसे शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा था कि बड़े शर्म की बात है कि एक दलित आईएएस अधिकारी के हत्यारे की रिहाई के लिए सरकार ने नियमावली में शर्मनाक तरीके से बदलाव किया। 
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पैरोल खत्म होने पर सहरसा जेल पहुंचे पूर्व सांसद आनंद मोहन, आज हो सकती है रिहाई 
पूर्व सांसद आनंद मोहन 15 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद बुधवार को सहरसा जेल पहुंचे। उन्हें दोपहर 12:00 बजे तक जेल पहुंचना था, लेकिन शाम 4:10 बजे पहुंचे। माना जा रहा है कि आनंद मोहन बृहस्पतिवार को जेल से रिहा किए जाएंगे।
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सुशील मोदी ने किया केंद्रीय नेतृत्व का अनुसरण
मालवीय के बाद केंद्रीय नेतृत्व के रुख का अनुसरण करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने भी नीतीश सरकार पर हमला बोला। मोदी ने कहा कि आनंद मोहन के बहाने सरकार मुस्लिम-यादव समीकरण के दुर्दांत अपराधियों पर मेहरबान है। जघन्य मामलों में सजायाफ्ता बंदियों की रिहाई असांविधानिक है।

गिरिराज ने बताया बेचारा तो रूडी बोले- षड्यंत्र का शिकार 
केंद्रीय नेतृत्व के रुख के उलट केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आनंद मोहन को बेचारा बताया। उन्होंने कहा कि बेचारे आनंद मोहन लंबे समय तक जेल में रहे, उन्हें बलि का बकरा बनाया गया था। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि उन्हें जानबूझ कर षड्यंत्र का शिकार बनाया गया था। अब राज्य सरकार को प्रायश्चित करते हुए सीएम नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को माफी मांगनी चाहिए।


आईएएस एसोसिएशन ने कहा, रिहाई का फैसला सही नहीं  
आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले पर आईएएस एसोसिएशन ने बिहार सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह फैसला सही नहीं है। आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट किया कि आनंद मोहन को रिहा किए जाने का फैसला बहुत ही निराश करने वाला है। उन्होंने (आनंद मोहन) जी. कृष्णैया की नृशंस हत्या की थी। ऐसे में यह दुखद है। बिहार सरकार जल्दी से जल्दी फैसला वापस ले। ऐसा नहीं होता है तो यह न्याय से वंचित करने के समान है।

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