फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP-Congress both do or die in karnatka assembly elections

कर्नाटक विधानसभा चुनाव- भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए करो या मरो की जंग 

Wed, 28 Mar 2018 01:05 AM IST
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Mar 2018 01:05 AM IST
विज्ञापन
BJP-Congress both do or die in karnatka assembly elections
बीजेपी, कांग्रेस
कर्नाटक विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों केलिए करो या मरो की सियासी जंग है। इसके नतीजे का सीधा प्रभाव दोनों दलों के अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर पड़ेगा। कांग्रेस हारी तो वह न सिर्फ अंतिम बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य भी गंवा देगी, बल्कि अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष को खुद के नेतृत्व में एकजुट करने की मुंहिम पर पानी फिर जाएगा। भाजपा अगर दक्षिण का किला भेदने में नाकाम रही तो न सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बढ़ा सियासी कद परेशानी खड़ी करेगा, बल्कि लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की राह भी रपटीली हो जाएगी।
विज्ञापन


केंद्र की सियासत पर नतीजे का व्यापक प्रभाव पडने के कारण ही यह चुनाव दोनों दलों केलिए जीवन मरन का सवाल बन गया है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो सोशल इंजीनियरिंग के माहिर सीएम सिद्घारमैया ने लिंगायत-शैव को अलग धर्म का दर्जा दे कर भाजपा को उलझा दिया है। पार्टी की रणनीति भाजपा के कोर मतदाता माने जाने वाले लिंगायत (17 फीसदी) और जेडीएस के परंपरागत मतदाता रहे वोक्कालिंगा (11 फीसदी) बिरादरी में सेंध लगाने की है। सिद्घारमैया कन्नड़ भाषा और राज्य का अलग झंडा मामले को तूल दे कर राज्य अस्मिता कार्ड भी खेल रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि पार्टी ओबीसी (16 फीसदी), कुरुबा (7 फीसदी), मुसलमान (16 फीसदी) को साधे रख कर फिर सी जीत हासिल कर लेगी। सोमवार को जेडीएस के 7 विधायकों ने कांग्रेस का दामन भी थामा है।
विज्ञापन


उधर लिंगायत को अलग धर्म का दांव से भाजपा भले परेशानी में है, मगर पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इससे हिंदू मतदाता कांग्रेस से नाराज हो सकते हैं। यही कारण है कि एक ओर जहां अमित शाह और लिंगायत बिरादरी के कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा इस बिरादरी से जुड़े मठों का ताबड़तोड़ दौरा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस पर हिंदुओं को बांटने का लगातार आरोप भी लगा रहे हैं। पार्टी की रणनीति कांग्रेस के ओबीसी और जेडीएस के वोक्कालिंगा वोट बैंक में सेंध लगाने की है। जबकि जेडीएस ने बसपा से समझौता कर अपने खाते 5 फीसदी दलित वोट को जोडने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने येदियुरप्पा को अपना चेहरा बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



लिंगायत क्यों अहम
आबादी 17 फीसदी
120 सीटों पर व्यापक प्रभाव
वर्तमान में 100 विधायक इसी बिरादरी के
इस बिरादरी से अब तक 7 सीएम

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed