पीएम प्रत्याशी से पीछे हटे राहुल गांधी? भाजपा ने कसा तंज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने का फैसला किया था। पार्टी ने यह भी कहा था कि वह विपक्षी पार्टियों के बीच पीएम उम्मीदवार को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी। वहीं मंगलवार खुद राहुल गांधी ने संकेत दिए कि अगले लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में भाजपा और आरएसएस की सरकार बनने से रोकने के लिए कांग्रेस हर मुमकिन और जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा हालांकि 15 साल के राजनीतिक अनुभव के बाद अब वह देश के मुद्दों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और उन्हें हल कर सकते हैं। लेकिन जरूरत पड़ने पर कांग्रेस किसी भी एसी सरकार को समर्थन देगी जो भाजपा और आरएसएस की सरकार या उसके द्वारा समर्थित किसी सरकार को बनने से रोक सके।
From Rahul as the “PM nominee” to “Anyone” as PM nominee it seems this Monsoon it’s “Raining Prime Ministers”
— Sambit Patra (@sambitswaraj) July 25, 2018
But let’s not forget that PM is not just another two lettered word
“P” for PERFORMANCE
“M” for MEHNAT(मेहनत)
Now need I say Who Is and Who would continue to be the PM? pic.twitter.com/ZVAzoJKNBX
अब भाजपा ने इस खबर पर चुटकी ली है। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मानसून प्रधानमंत्रियों की बारिश हो रही है। संबित ने ट्वीट में लिखा, 'पहले प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर राहुल गांधी और अब 'कोई भी', ऐसा लगता है जैसे इस मानसून 'प्रधानमंत्रियों की बारिश हो रही है। लेकिन यह मत भूलिए कि पीएम सिर्फ 2 शब्द नहीं है। पी का मतलब है परफॉर्मेंस, एम का मतलब है मेहनत। क्या मुझे अब भी कहने की जरूरत है कि किसे प्रधानमंत्री होना चाहिए या किसे प्रधानमंत्री बरकरार रहना चाहिए?'
बता दें कि राजधानी में सौ से ज्यादा महिला पत्रकारों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष ने एक अनौपचारिक मुलाकात की थी और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की। इसी दौरान उनसे जब पूछा गया कि क्या 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद वह भाजपा विरोधी गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री बनेंगे, राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले 15 साल से भी ज्यादा वक्त से राजनीति में हैं। इसलिए अब उन्हें देश, राजनीति और मुद्दों की पहले से बेहतर समझ है और जरूरत पड़ने पर वह राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान ज्यादा बेहतर तरीके से निकाल सकते हैं।
गांधी से अगला सवाल पूछा गया कि क्या वह किसी महिला को भी प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार करेंगे। इसके जवाब में राहुल ने कहा कि भाजपा-आरएसएस की सरकार या उसके द्वारा समर्थित किसी भी सरकार को बनने से रोकने के लिए वह हर मुमकिन कदम उठाएंगे और जो भी जरूरी होगा वह करेंगे। गौरतलब है कि बसपा अध्यक्ष मायावती और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी 2019 लोकसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी अपनी दावेदारी पेश कर सकती हैं।