Tamil Nadu: तमिलनाडु सरकार पर भाजपा ने लगाया शराब घोटाले का आरोप; केरल के CM विजयन से मिले स्टालिन के मंत्री
भाजपा ने तमिलनाडु सरकार पर एक हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि तमिलनाडु में टीएएसएमएसी और शराब आपूर्ति करने वाली कंपनियों के ईडी के छापों से ध्यान हटाने के लिए राज्य सरकार तीन भाषा नीति जैसे मुद्दे उठाकर अफवाह फैला रही है।
विस्तार
भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन तीन-भाषा नीति, एनईपी, परिसीमन और बजट दस्तावेज़ से ₹ चिह्न को हटाने के बारे में निराधार अफवाहें फैला रहे हैं, ताकि जनता का ध्यान टीएएसएमएसी, शराब मंत्री और तमिलनाडु में शराब आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर चल रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापों से भटकाया जा सके।
उन्होंने कहा कि ईडी ने डिस्टिलरी से ऐसे दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनसे पता चलता है कि एक हजार करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बनाई गई है। इसका भुगतान रिश्वत के रूप में किया गया। डीएमके सिस्टम में हेरफेर करके अपनी पार्टी के खजाने को भरने के लिए आम लोगों का शोषण कर रही है। एमके स्टालिन को जनता को यह बताना चाहिए कि ये रिश्वत किसने प्राप्त की। इन घटनाक्रमों और उनके अधीन बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को देखते हुए उनके लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में बने रहना मुश्किल होता जा रहा है।
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भाजपा विधायक ने भी लगाए आरोप
भाजपा विधायक वनथी श्रीनिवासन ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राज्य सरकार से घोटाले पर जवाब देने की अपील की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि टीएएसएमएसी में ईडी की जांच में ₹1,000 करोड़ के बेहिसाब नकद लेन-देन का पता चला है, जिसमें हेरफेर किए गए टेंडर और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं। तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष को पत्र लिखकर राज्य सरकार से नियम 55 के तहत जवाब देने का आग्रह किया है।
आबकारी मंत्री बोले- गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं
शराब घोटाले के आरोपों पर तमिलनाडु के आबकारी मंत्री सैंथिल बालाजी ने कहा कि इन दावों का कोई आधार नहीं है। टीएएसएमएसी निविदा में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। तलाशी के नाम पर छापेमारी की जा रही है। आबकारी मंत्री ने कहा कि राज्य के स्वामित्व वाली शराब कंपनी तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) पारदर्शिता के साथ काम करती है। उन्होंने कहा कि सरकार कानूनी रूप से इस मामले का सामना करने के लिए तैयार है। बालाजी ने संवाददाताओं से कहा कि ईडी अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन सी प्राथमिकी कार्रवाई शुरू करने का आधार बनी।
मंत्री ने एक उदाहरण देते हुए सवाल किया कि यदि 4,700 दुकानों में से कुछ 10 दुकानों में गलतियां की गईं तो क्या टीएएसएमएसी प्रबंधन द्वारा उचित कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करना गलत था। उनका कहना था कि ईडी निचले स्तर पर कुछ लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं के लिए शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ आरोप कैसे लगा सकती है।
तमिलनाडु के मंत्री पी थियागा राजन और दक्षिण चेन्नई से सांसद डॉ. थंगापांडियान ने संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन का विरोध करने के लिए होने वाली संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक में शामिल होने के लिए केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को आमंत्रित किया। बैठक 22 मार्च को चेन्नई में होगी। डीएमके नेताओं ने सीएम स्टालिन की ओर से केरल के सीएम विजयन से मुलाकात की।
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पी थियागा राजन ने एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की ओर से सांसद (दक्षिण चेन्नई) डॉ. थंगापांडियान के साथ केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से मुलाकात की। हमने मुख्यमंत्री को 22 मार्च 2025 को चेन्नई में होने वाली संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) की बैठक के लिए आमंत्रित किया, ताकि अनुचित परिसीमन का सामूहिक रूप से विरोध किया जा सके। यह संघवाद और हमारे राज्यों के उचित प्रतिनिधित्व पर एक निर्विवाद हमला है। केरल के मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर तमिलनाडु के साथ अपनी मजबूत एकजुटता व्यक्त की और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने और हमारे लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की हमारी सामूहिक लड़ाई में अपना पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।संबधित वीडियो