फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bipin Rawat left for an five day visit to Maldives for strengthening close bilateral defence ties

पांच दिनों के मालदीव दौरे के लिए रवाना हुए सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत

Sun, 29 Sep 2019 02:46 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 29 Sep 2019 02:46 PM IST
विज्ञापन
Bipin Rawat left for an five day visit to Maldives for strengthening close bilateral defence ties
मेजर जनरल बिपिन रावत (फाइल फोटो)

सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत पांच दिनों के मालदीव दौरे के लिए रविवार को रवाना हो गए हैं। अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान रावत मालदीव सरकार और वहां की आर्म्ड फोर्सिज के साथ मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों राष्ट्रों के बीच घनिष्ठ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करना है।

विज्ञापन

 

मालदीव में सेनाध्यक्ष समग्र रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेंगे। आधिकारिर सूत्रों का कहना है कि जनरल रावत मालदीव के रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी, विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद और चीफ ऑफ डिफेंस फॉर्सिज जनरल अब्दुल्ला शमाल के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। साथ ही द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और बेहतर करने के तरीकों पर बातचीत करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेना प्रमुख राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से भी मुलाकात करेंगे। उनकी मालदीव यात्रा का केंद्र द्विपक्षीय सैन्य जुड़ाव को और बढ़ाने पर रहेगा। वह मालदीव की राजधानी माले में क्षेत्र के लिए भारत के सुरक्षा दृष्टिकोण को लेकर एक लेक्चर देंगे। चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी का कार्यभार संभालने के बाद यह जनरल रावत की पहली विदेश यात्रा है। 

पिछले साल नवंबर में सोलिह के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत और मालदीव के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंध पटरी पर लौट आए हैं। उन्होंने अब्दुल्ला यामीन को चुनाव में हराया था। माना जाता है कि यामीन चीन के करीबी हैं। उनके कार्यकाल के दौरान चीन ने मालदीव पर अपने प्रभाव का विस्तार किया था।

पिछले साल पांच फरवरी को यामीन ने देश में आपातकाल लागू कर दिया था। जिसके सकारम भारत और मालदीव के रिश्तों में खटास आ गई थी। भारत ने उनके इस निर्णय की आलोचना की थी और उनकी सरकार से राजनीतिक कैदियों को रिहा करके चुनावी और राजनीतिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए कहा था। मालदीव में 45 दिन आपातकाल रहा था।


पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। दोबारा सत्ता में लौटने के बाद मोदी द्विपक्षीय यात्रा के तहत मालदीव गए थे। यह उनकी पहली विदेश यात्रा भी थी। इस यात्रा से मालदीव और भारत के महत्व को दर्शाया था। अपनी यात्रा के दौरान मोदी ने कोस्टल सर्विलांस रडार सिस्टम और कंपोजिट ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed