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ONOE: जेपीसी को भेजे गए एक साथ चुनाव कराने से जुड़े दो विधेयक, विशेषज्ञों और संगठनों से ली जाएगी राय

Mon, 23 Dec 2024 05:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 23 Dec 2024 05:14 PM IST
सार

ONOE: एक देश-एक चुनाव से जुड़े दो विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजा गया है। संसदीय समिति अब इस पर विचार-विमर्श करेगी। इसके लिए वह संगठनों और विशेषज्ञों की राय लेगी। फिर रिपोर्ट संसद को सौंपेगी। 

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Bills on simultaneous polls 12th to be referred to joint parliamentary panel since 2015
एक देश-एक चुनाव - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने वाले दो विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजा गया है। 2015 के बाद यह 12वीं बार है, जब किसी विधेयक को संयुक्त समिति को भेजा गया। 

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दोनों विधेयकों में क्या है?
1. संविधान (129वां संशोधन) विधेयक: यह लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की प्रक्रिया तय करता है। इसे संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। 
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2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक: यह दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर की विधानसभाओं की अवधि को अन्य राज्यों की विधानसभाओं के बराबर करने की बात करता है। इसे साधारण बहुमत से पारित किया जा सकता है। 
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विधेयकों पर विरोध और चर्चा
लोकसभा में विपक्ष ने इन विधेयकों को संघीय ढांचे पर हमला बताया। इसके बाद सरकार ने इन्हें गहन विचार-विमर्श और परामर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया। अब संयुक्त संसदीय समिति विधेयकों में हर प्रावधान पर विस्तार से चर्चा करेगी। इसके लिए वह विशेषज्ञों और संगठनों से राय लेगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर संसद को सौंपेगी। 


बीते वर्षों में नागरिकता संशोधन विधेयक, वन संरक्षण संशोधन विधेयक और दिवालियापन संहिता जैसे कई अहम विधेयकों को ऐसी समितियों के पास भेजा गया। एक देश-एक चुनाव को लेकर संसद में व्यापक चर्चा और विचार-विमर्श जारी है। इसके अलावा, 2017 के वित्तीय समाधान और जमा बीमा विधेयक और 2022 के जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक की जांच के लिए संसद समितियां बनाई गई थीं। 2023 का वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक भी संयुक्त समिति के पास भेजा गया था। 

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