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Vijay Sinha: भाजपा नेता को CM नीतीश की सरकार में डिप्टी सीएम का पद मिला, जानिए कैसा रहा है इनका सियासी सफर
Sun, 28 Jan 2024 05:36 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना / नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना / नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 28 Jan 2024 05:36 PM IST
सार
भाजपा में विजय कुमार सिन्हा को बिहार में उपमुख्यमंत्री का पद मिला है। नीतीश कुमार 9वीं बार मुख्यमंत्री बने हैं। विजय कुमार सिन्हा का राजनीतिक सफर शानदार रहा है। बिहार विधानसभा में स्पीकर रह चुके विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी की जुबानी तकरार भी सुर्खियों में रही थी। जानिए विजय सिन्हा का राजनीतिक सफर
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विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने
- फोटो : amar ujala graphics
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विस्तार
बिहार की राजनीतिक एक बार फिर चर्चा में है। नीतीश कुमार नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। नीतीश के साथ दो उपमुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। एक डिप्टी सीएम भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। कभी बिहार विधानसभा के स्पीकर रहे विजय कुमार सिन्हा जाति की राजनीति के कारण सुर्खियों में रहने वाले प्रदेश में भूमिहार जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। विजय सिन्हा का डिप्टी सीएम बनना भाजपा की सधी हुई सियासी चाल के रूप में देखा जा रहा है।
RSS स्वयंसेवक सियासत में संवैधानिक पद तक पहुंचे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे विजय सिन्हा का जन्म लखीसराय के तिलकपुर में हुआ था। पैतृक घर मोकामा जिले में है। पिता शारदा रमण सिंह हाईस्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। जून, 1967 में जन्मे विजय सिन्हा ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1982 में की। माना जाता है कि दुर्गा पूजा समिति के सचिव के रूप में इन्होंने 42 साल से पहले सार्वजनिक सियासत की शुरुआत की। आरएसएस से जुड़ाव के कारण विजय सिन्हा बिहार की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
कौन हैं विजय कुमार सिन्हा
बिहार की राजनीतिक हलचल के बीच रविवार को भाजपा ने शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उप-नेता चुना। 2005 में पहली बार जदयू-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद करीब 15 साल तक जदयू ने विधानसभा स्पीकर का पद अपने पास रखा। 2020 में पहली बार भाजपा के कोटे से विधानसभा स्पीकर चुना गया। विजय कुमार सिन्हा का विधानसभा अध्यक्ष बनना चौंकाने वाला फैसला माना गया, क्योंकि नीतीश कथित तौर पर भाजपा के इस प्रत्याशी को पसंद नहीं करते।
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RSS स्वयंसेवक सियासत में संवैधानिक पद तक पहुंचे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे विजय सिन्हा का जन्म लखीसराय के तिलकपुर में हुआ था। पैतृक घर मोकामा जिले में है। पिता शारदा रमण सिंह हाईस्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। जून, 1967 में जन्मे विजय सिन्हा ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1982 में की। माना जाता है कि दुर्गा पूजा समिति के सचिव के रूप में इन्होंने 42 साल से पहले सार्वजनिक सियासत की शुरुआत की। आरएसएस से जुड़ाव के कारण विजय सिन्हा बिहार की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
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कौन हैं विजय कुमार सिन्हा
बिहार की राजनीतिक हलचल के बीच रविवार को भाजपा ने शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उप-नेता चुना। 2005 में पहली बार जदयू-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद करीब 15 साल तक जदयू ने विधानसभा स्पीकर का पद अपने पास रखा। 2020 में पहली बार भाजपा के कोटे से विधानसभा स्पीकर चुना गया। विजय कुमार सिन्हा का विधानसभा अध्यक्ष बनना चौंकाने वाला फैसला माना गया, क्योंकि नीतीश कथित तौर पर भाजपा के इस प्रत्याशी को पसंद नहीं करते।
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विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने, इनके बारे में रोचक बातें
- फोटो : amar ujala graphics
सम्राट चौधरी के साथ तकरार हुई, अब मंत्रिमंडल में सहयोगी बने
करीब दो साल पहले सम्राट चौधरी के साथ विजय सिन्हा की नाराजगी भी सुर्खियों में रही थी। पूर्व पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी के साथ मार्च, 2022 में विधानसभा में दोनों के बीच तीखी तकरार हुई थी। सिन्हा ने ऑफिस में ऑनलाइन जवाब नहीं पहुंचने की शिकायत की थी। इस पर चौधरी ने कहा था कि व्याकुल होने से काम नहीं चलेगा। सिन्हा की नाराजगी इतनी बढ़ी कि सम्राट के माफी मांगने तक उन्होंने सदन में दोबारा पैर नहीं रखे।
करीब दो साल पहले सम्राट चौधरी के साथ विजय सिन्हा की नाराजगी भी सुर्खियों में रही थी। पूर्व पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी के साथ मार्च, 2022 में विधानसभा में दोनों के बीच तीखी तकरार हुई थी। सिन्हा ने ऑफिस में ऑनलाइन जवाब नहीं पहुंचने की शिकायत की थी। इस पर चौधरी ने कहा था कि व्याकुल होने से काम नहीं चलेगा। सिन्हा की नाराजगी इतनी बढ़ी कि सम्राट के माफी मांगने तक उन्होंने सदन में दोबारा पैर नहीं रखे।
विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने, इनके बारे में रोचक बातें
- फोटो : amar ujala graphics
करोड़पति हैं भाजपा नेता और पूर्व मंत्री
नेता प्रतिपक्ष के रूप में विजय सिन्हा के आक्रामक तेवर से बिहार की जनता अच्छे से वाकिफ है। मामला इतना आगे बढ़ गया था कि सीएम नीतीश के साथ सदन की कार्यवाही संचालन के दौरान सिन्हा की जुबानी तकरार हुई थी। 54 साल के विजय सिन्हा के पास करोड़ों की संपत्ति है। हालांकि, इन्होंने लाखों रुपये का कर्ज भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में 22.65 लाख रुपये का कर्ज होने की बात स्वीकार की है।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में विजय सिन्हा के आक्रामक तेवर से बिहार की जनता अच्छे से वाकिफ है। मामला इतना आगे बढ़ गया था कि सीएम नीतीश के साथ सदन की कार्यवाही संचालन के दौरान सिन्हा की जुबानी तकरार हुई थी। 54 साल के विजय सिन्हा के पास करोड़ों की संपत्ति है। हालांकि, इन्होंने लाखों रुपये का कर्ज भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में 22.65 लाख रुपये का कर्ज होने की बात स्वीकार की है।
विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने, इनके बारे में रोचक बातें
- फोटो : amar ujala graphics
कितनी संपत्ति के मालिक हैं विजय सिन्हा
बांकीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विजय सिन्हा की कुल संपत्ति में 8.93 करोड़ रुपये की जमीन और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। सिन्हा और उनके परिवार के बैंक खातों में 70.80 लाख रुपये जमा हैं। वाणिज्यिक, खेती-किसानी और आवास को जोड़कर विजय सिन्हा कुल 7.15 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। शेयर बाजार में भी इन्होंने 38.30 लाख रुपये से अधिक निवेश कर रखा है। इस करोड़पति भाजपा नेता के पास लगभग 14.47 लाख रुपये कीमत वाली तीन लग्जरी गाड़ियों के अलावा 22.75 लाख के सोने के आभूषण भी हैं।
बांकीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विजय सिन्हा की कुल संपत्ति में 8.93 करोड़ रुपये की जमीन और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। सिन्हा और उनके परिवार के बैंक खातों में 70.80 लाख रुपये जमा हैं। वाणिज्यिक, खेती-किसानी और आवास को जोड़कर विजय सिन्हा कुल 7.15 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। शेयर बाजार में भी इन्होंने 38.30 लाख रुपये से अधिक निवेश कर रखा है। इस करोड़पति भाजपा नेता के पास लगभग 14.47 लाख रुपये कीमत वाली तीन लग्जरी गाड़ियों के अलावा 22.75 लाख के सोने के आभूषण भी हैं।
विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने, इनके बारे में रोचक बातें
- फोटो : amar ujala graphics
नीतीश कुमार की सरकार में दो डिप्टी सीएम
इससे पहले जदयू नेता नीतीश कुमार को राज्यपाल आर्लेकर ने मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। इनके साथ कई मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई है। समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। समर्थकों ने मंत्रियों के शपथग्रहण के बाद जमकर नारे भी लगाए। शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी ने नई सरकार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार बिहार के परिवारजनों के कल्याण के लिए पूरी मेहनत से प्रयास करेगी।
इससे पहले जदयू नेता नीतीश कुमार को राज्यपाल आर्लेकर ने मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। इनके साथ कई मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई है। समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। समर्थकों ने मंत्रियों के शपथग्रहण के बाद जमकर नारे भी लगाए। शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी ने नई सरकार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार बिहार के परिवारजनों के कल्याण के लिए पूरी मेहनत से प्रयास करेगी।
विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने, इनके बारे में रोचक बातें
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महाराष्ट्र की तर्ज पर बिहार में भी डिप्टी सीएम पद से संतोष
नीतीश का शपथ ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि कम सीट होने के बावजूद भाजपा के पास बिहार में उनके कद का कोई ऐसा नेता नहीं, जिसे सीएम बनाया जा सके। भाजपा के पास जदयू से अधिक सीट है, लेकिन पार्टी ने दो डिप्टी सीएम पद से संतोष किया है। ऐसा ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हुआ था, जब एकनाथ शिंदे को सीएम पद मिला और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
नीतीश का शपथ ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि कम सीट होने के बावजूद भाजपा के पास बिहार में उनके कद का कोई ऐसा नेता नहीं, जिसे सीएम बनाया जा सके। भाजपा के पास जदयू से अधिक सीट है, लेकिन पार्टी ने दो डिप्टी सीएम पद से संतोष किया है। ऐसा ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हुआ था, जब एकनाथ शिंदे को सीएम पद मिला और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।