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BJP: दिल्ली भाजपा में एक भी पूर्वांचली नहीं बना जिलाध्यक्ष, बिहार चुनाव पर पड़ेगा असर

Tue, 27 May 2025 03:07 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 27 May 2025 03:07 PM IST
सार

दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान भी भाजपा पर पूर्वांचलियों की उपेक्षा का आरोप लगा था। दिल्ली की एक तिहाई से अधिक आबादी रखने वाले पूर्वांचली समाज के लोगों को केवल पांच टिकट दिए गए थे।

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Bihar elections Not a single person from Purvanchal became District President in Delhi BJP
दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायक - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली भाजपा ने आज अपने सभी 14 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी है। इसमें चार गूजर, तीन पंजाबी और दो दलित समुदाय के लोगों को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। दो महिलाओं को भी जिलाध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर दिया है। लेकिन पार्टी ने पूरी दिल्ली में एक भी पूर्वांचली चेहरे को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है, जबकि पार्टी के कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने से लेकर पार्टी का झंडा उठाने तक में पूर्वांचल के कार्यकर्ता ही सबसे आगे रहते हैं।
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दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान भी भाजपा पर पूर्वांचलियों की उपेक्षा का आरोप लगा था। दिल्ली की एक तिहाई से अधिक आबादी रखने वाले पूर्वांचली समाज के लोगों को केवल पांच टिकट दिए गए थे। इसमें चंदन चौधरी, डॉ. पंकज कुमार सिंह, कपिल मिश्रा और अभय वर्मा जीत हासिल करने में सफल रहे थे, जबकि किराड़ी से बजरंग शुक्ला को हार का सामना करना पड़ा था। 
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भाजपा के मुकाबले आम आदमी पार्टी ने लगभग एक दर्जन पूर्वांचली उम्मीदवारों को टिकट थमाया था। लेकिन इसके बाद भी 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में एक तरफा आम आदमी पार्टी का साथ देने वाले पूर्वांचली समुदाय ने 2025 में भाजपा पर भरोसा किया और दिल्ली में 27 साल बाद उसकी सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन इसके बाद भी पूर्वांचली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा इन कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी इस नाराजगी को प्रकट भी कर दिया है। 
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बिहार चुनाव पर पड़ेगा असर- भाजपा कार्यकर्ता 
पूर्वांचल के एक भाजपा कार्यकर्ता ने अमर उजाला से कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जब दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया था, तब यही कहा गया था कि पार्टी के इस निर्णय से यूपी-बिहार से लेकर मध्य प्रदेश तक का बनिया समुदाय प्रभावित होगा और वह पार्टी से खुद को जुड़ा महसूस करेगा। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी की यह रणनीति मुख्यमंत्री के पद पर ठीक बैठती है तो क्या जिलाध्यक्षों के मामले में पूर्वांचलियों की उपेक्षा का बिहार चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा? उन्होंने कहा कि पार्टी को इस पर विचार करना चाहिए। 

पूर्वांचल की उपेक्षा नहीं 
वहीं, दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने अमर उजाला से कहा कि जिलाध्यक्षों की सूची को केवल इस दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। पिछले विधानसभा चुनावों में केवल पांच पूर्वांचली चेहरों को अवसर दिया गया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद डॉ. पंकज कुमार सिंह और कपिल मिश्रा को सरकार में मंत्री बनाया गया है। लक्ष्मी नगर से विधायक अभय वर्मा को दिल्ली विधानसभा में मुख्य सचेतक बनाया गया है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि पार्टी ने पूर्वांचली समाज की उपेक्षा की है।  उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूर्वांचल के कार्यकर्ताओं की पार्टी के प्रति लगन, भाव और मेहनत को देखते हुए एक अलग मोर्चा ही बना दिया गया है। इससे भाजपा के लिए पूर्वांचली मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का महत्त्व समझ में आता है।

अनुभव को देखकर मिली जिम्मेदारी

फोटो- दिल्ली भाजपा के जिलाध्यक्षों की सूची।

नेता के अनुसार, जिलाध्यक्ष पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी होता है। वह पार्टी के कार्यक्रमों को कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता तक और जनता-कार्यकर्ताओं की बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इस पद के महत्त्व को देखते हुए संगठनात्मक दृष्टि से कुशल अनुभवी कार्यकर्ताओं को ही जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाती है। और इस दृष्टि से नई टीम को बहुत अच्छा कहा जा सकता है क्योंकि इसमें अनुभव को पर्याप्त महत्त्व दिया गया है।       
 
अनुभवी टीम
तीन वर्तमान जिलाध्यक्षों मयूर विहार जिले से विजेंद्र धामा, शाहदरा से दीपक गाबा और पश्चिमी दिल्ली से चंद्रपाल बख्शी को एक बार फिर जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वे पिछली बार भी जिलाध्यक्ष के रूप में चुने जाने में सफल रहे थे। दक्षिणी दिल्ली से माया बिष्ट और नजफगढ़ जिले से राज शर्मा गौतम दो महिलाओं को जिला अध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर दिया गया है। जिलाध्यक्षों में चार चेहरे ऐसे हैं जो पूर्व में भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। टीम को देखने के बाद कहा जा रहा है कि दिल्ली भाजपा ने आगामी चुनौतियों को देखते हुए जिला अध्यक्ष के रूप में अनुभवी और पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को प्रमुखता दी है। लेकिन पूर्वांचली समीकरणों की कमी पार्टी के अंदरखाने चर्चा का विषय बनी हुई है।


इन्हें मिला मौका
पार्टी ने आज अपनी प्रदेश परिषद टीम की घोषणा भी कर दी है। 105 प्रदेश परिषद सदस्यों में वर्तमान दिल्ली भाजपा मीडिया टीम के इंचार्ज प्रवीण शंकर कपूर को प्रमुख तौर पर रखा गया है। कपूर के अलावा विधायक पवन शर्मा, कपिल मिश्रा, कैलाश गहलोत, करतार सिंह तंवर, प्रद्युम्न राजपूत, संदीप सहरावत, राजकुमार चौहान, नीरज बैसोया, अनिल शर्मा, राजकुमार भाटिया, तिलक राम गुप्ता, पूनम भारद्वाज, जितेन्द्र महाजन, कुलवंत राणा, श्याम शर्मा, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, पूर्व महापौर सुभाष आर्य, प्रीति अग्रवाल एवं नरेन्द्र चावला, वर्तमान प्रदेश पदाधिकारी सुनीता कांगड़ा, विनय रावत और नरेश कुमार ऐरण को भी प्रदेश परिषद टीम में रखा गया है।  
 
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