Seat Ka Samikaran: सासाराम में पिछले आठ में पांच चुनाव भाजपा तो तीन राजद के नाम रहे, ऐसा है इसका चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात सासाराम सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के राजेश कुमार विधायक हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। राज्य में दो चरण में 6 और 11 नवंबर को मतदान होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस बार के चुनाव में 7,41,92,357 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, 2020 में यह आकड़ा 7,36,47,660 था। 2020 के मुकाबले इस बार के चुनाव में 5,44,697 मतदाताओं का इजाफा हुआ है। हालांकि, एसआईआर के बाद राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में 47,77,487 कमी आई है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सासाराम विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट मौजूद समय में राजद के राजेश कुमार विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला रोहतास भी है। रोहतास जिला तीन अनुमंडल और 19 ब्लॉक में बंटा है। जिले में सात विधानसभा सीट हैं। इनमें चेनारी (एससी), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकाट शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज सासाराम विधानसभा सीट की बात करेंगे। सासाराम विधानसभा सीट से 1957 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1957: दो विधायकों को जीत मिली
1957 के चुनाव में सासाराम विधानसभा सीट से दो विधायक चुने गए। एक अनुसूचित जाति (एससी) से और दूसरे समान्य वर्ग से। जीतने वाले दोनों विधायक प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के थे। जो दो चेहरे विधानसभा पहुंचे उनमें बिपिन बिहारी सिन्हा और रामाधार दुसाध शामिल थे।

1962: कांग्रेस को जीत मिली
- 1962 के चुनाव में सासाराम सीट से कांग्रेस के दुखन राम को जीत मिली। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बिपिन बिहारी सिन्हा को 5,280 वोट से हराया। दुखन राम को कुल 17,264 वोट से हराया। वहीं, बिपिन बिहारी को कुल 11,984 वोट मिले।
- 1967 के चुनाव में कांग्रेस के विनोद बिहारी सिंह को जीत मिली। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बिपिन बिहारी सिन्हा को 1,252 वोट से हराया। विनोद बिहारी सिंह को कुल 12,876 वोट मिले। वहीं, बिपिन बिहारी सिन्हा को 11,624 वोट मिले।
1969: प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
1969 के चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बिपिन बिहारी सिन्हा ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के विनोद बिहारी सिंह को 12,736 वोट से हराया। बिपिन बिहारी सिन्हा को कुल 24,106 वोट मिले। वहीं, विनोद बिहारी सिंह को 11,370 वोट मिले।
1972: हिंदुस्तान शोषित पार्टी को जीत मिली
1972 के चुनाव में सासाराम सीट से हिंदुस्तान शोषित दल के रामसेवक सिंह को जीत मिली। उन्होंने विपिन बिहारी सिंह को 2,173 वोट से हराया। रामसेवक सिंह को कुल 19,573 वोट मिले। वहीं, विपिन बिहारी को कुल 17,400 वोट मिले।

1977: जनता पार्टी को मिली जीत
- 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के विपिन बिहारी सिन्हा को जीत मिली। उन्होंने शोषित समाज दल के राम सेवक सिंह को 10,060 वोट से हराया। विपिन बिहारी सिन्हा को कुल 25,383 वोट मिले। वहीं, राम सेवक सिंह को 15,323 वोट मिले।
- 1980 के चुनाव में जनता पार्टी के राम सेवक सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस (आई) की मनोरमा पांडे को 3,969 वोट से हराया। राम सवेक सिंह को 29,740 वोट मिले। वहीं, मनोरमा पांडे को कुल 25,771 वोट मिले।
- 1985 के चुनाव में राम सेवक सिंह लोकदल से चुनाव लड़ा। इस बार उन्होंने कांग्रेस के जगदीश ओझा को 2,923 वोट से हराया। राम सेवक सिंह को कुल 15,928 वोट मिले। वहीं, जगदीश ओझा को 13,005 वोट मिले।
1990: भाजपा को जीत मिली
- 1990 के चुनाव में सासाराम सीट से भाजपा को 18,695 वोट से जीत मिली। भाजपा के जवाहर प्रसाद को 42,956 वोट मिले। वहीं, सोशलिस्ट पार्टी के विपिन बिहारी सिन्हा को 24,261 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में भाजपा के जवाहर प्रसाद को दूसरी बार जीत मिली। इस बार उन्होंंने जनता दल के अशोक कुमार को 7,594 वोट से हराया। जवाहर प्रसाद को कुल 48,811 वोट मिले। वहीं, अशोक कुमार को 41,217 वोट मिले।
2000: राजद को जीत मिली
2000 के चुनाव में सासाराम सीट से राजद के अशोक कुमार को जीत मिली। उन्होंंने दो बार के विधायक और भाजपा उम्मीदवार जवाहर प्रसाद को 13,356 वोट से हराया। अशोक कुमार को कुल 62,673 वोट मिले। वहीं, जवाहर प्रसाद को 49,317 वोट मिले।
2005: भाजपा की वापसी
- फरवरी 2005 के चुनाव में सासाराम सीट से भाजपा के जवाहर प्रसाद की वापसी हुई। उन्होंने राजद के अशोक कुमार को 10,039 वोट से मात दिया। जवाहर प्रसाद को कुल 43,956 वोट मिले। वहीं, अशोक कुमार को 33,917 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में भाजपा के जवाहर प्रसाद ने 9,825 वोट से जीत हासिल की। वहीं, राजद के अशोक कुमार दूसरे नंबर पर रहे। जवाहर प्रसाद को कुल 53,904 वोट मिले और अशोक कुमार को 44,079 वोट मिले।
- 2010 के चुनाव में भाजपा के जवाहर प्रसाद ने लगातार तीसरी बार विधायक बने। इस बार उन्होंने राजद के अशोक कुमार को 5,411 वोट से हराया। जवाहर प्रसाद को कुल 50,856 वोट मिले। वहीं, अशोक कुमार को 45,445 वोट मिले।
2015: राजद को मिली जीत
- 2015 के चुनाव में राजद के अशोक कुमार को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के जवाहर प्रसाद को 19,612 वोट से हराया। अशोक कुमार को कुल 82,766 वोट मिले। वहीं, जवाहर प्रसाद को 63,154 वोट मिले।
- 2020 के चुनाव में राजद के राजेश कुमार गुप्ता को जीत मिली। उन्होंने इस बार जदयू के अशोक कुमार को 26,423 वोट से मात दी। राजेश कुमार को 83,303 वोट मिले। वहीं, अशोक कुमार को 56,880 वोट मिले।

सीट का समीकरण सीरीज की अन्य खबरें यहां पढ़ें
- Seat Ka Samikaran: किसी एक पार्टी से ज्यादा निर्दलीय पर भरोसा जता चुके अरवल के मतदाता, ऐसा है चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: काराकाट से तुलसी पांच तो मौजूदा विधायक अरुण सिंह चार बार चुने गए, जानें पूरा चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: जिसे डेहरी ने छह बार चुना, भ्रष्टाचार में गई उसकी सदस्यता; ऐसा है यहां का चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: तीन बार पिता विधायक रहे, दो बार से बेटे को मिल रही जीत, ऐसा है मधुबनी सीट का चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: BJP को खाता खुलने का इंतजार, राजद को 2020 में मिली पहली जीत, ऐसा है दिनारा का चुनावी इतिहास