Seat ka samikaran: लौकहा में पिछले पांच चुनाव से राजद या जदयू ही जीत रहे, भाजपा को अब भी पहली जीत का इंतजार
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज लौकहा विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर 2020 में राजद के भारत भूषण मंडल को जीत मिली थी।
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बिहार में विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। राज्य में इस बार चुनाव दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। चुनाव एक एलान होने के साथ ही सियासी दलों में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान भी अपने चरम पर पहुंच गई है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज लौकहा विधानसभा सीट की बात करेंगे।
इस बरा बिहार में कितने मतदाता
243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरण में- 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होना है। 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं दूसरे चरण में 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें लगभग 14 लाख नए मतदाता शामिल हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे।
पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर जिलों में चुनाव होगा।
दूसरे चरण में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई जिलों में चुनाव होगा।

अब जानते है लौकाहा सीट के बारे में
बिहार के 38 जिलों में से एक मधुबनी जिला भी है। यह जिला 5 अनुमंडल और 21 ब्लाक में विभाजित है। मधुबनी जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास और लौकहा विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। आज बात लौकहा विधानसभा सीट की करेंगे। इस सीट पर 1952 में पहली बार चुनाव हुए थे।
इस सीट पर कभी किसी एक पार्टी को जीत नहीं मिली। सीट पर लगातार पार्टी और उम्मीदवार दोनों बदलते रहे। जदयू अकेली ऐसी पार्टी थी जिसने लगातार तीन बार जीत हासिल की थी। इसके अलावा लगातार इतनी बार किसी ने जीत हासिल नहीं की थी। कांग्रेस के उम्मीदवार कुल मिलकार पांच बार यहां से जीतने में सफल रहे हैं।

कब कौन-कौन जीता चुनाव
1952- तब इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे। यहां कांग्रेस के योगेश्वर घोष यादव को जीत मिली थी।
1957- कांग्रेस की रामदुलारी शास्त्री को मिली जीत।
1962- प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के देवनारायण गुरमैता जीते।
1967- कांग्रेस की वापसी के साथ एस. साहू को जीत मिली।
1969- भाकपा के प्रयाग लाल यादव को मिली जीत।
1972- सोशलिस्ट पार्टी के धनिकलाल मंडल को मिली जीत।
1977- एक बार फिर कांग्रेस ने सीट पर वापसी की। कांग्रेस के कुलदेव गोइट को मिली जीत।

1980- भाकपा के लाल बिहारी यादव को मिली जीत।
1985- कांग्रेस के अब्दुल पयामी को मिली जीत।
1990, 1995- भाकपा के लाल बिहारी यादव को मिली जीत।
2000- समता पार्टी के हरि प्रसाद साह को मिली जीत।
2005 (फरवरी)- राजद के अनीस अहमद को मिली जीत।
2005 (अक्तूबर), 2010- जदयू से हरि प्रसाद साह को मिली जीत।
2015- जदयू के लक्ष्मेश्वर राय को मिली जीत।
2020- राजद के भारत भूषण मंडल ने जीती सीट, इनके पिता धनिकलाल मंडल को 1972 में सीट पर जीत मिली थी।