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Hindi News ›   India News ›   Biggest transfer of high court judges since emergency: Justice Bibek Chaudhuri

Bengal: 'आपातकाल के बाद जजों का सबसे बड़ा तबादला...', पटना हाईकोर्ट में तबादले पर बोले न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी

Tue, 21 Nov 2023 04:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 21 Nov 2023 04:14 PM IST
सार

Bengal: न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी ने अपने विदाई समारोह में कहा कि 1975 के आपातकाल के दौरान कार्यपालिका ने विभिन्न उच्च न्यायालयों के 16 न्यायाधीशों का तबादला किया था और 48 साल बाद कॉलेजियम ने 24 न्यायाधीशों का तबादला किया है।

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Biggest transfer of high court judges since emergency: Justice Bibek Chaudhuri
न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी। - फोटो : स्क्रीनग्रैब/ यूट्यूब/पश्चिम बंगाल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण

विस्तार

कानून एवं न्याय मंत्रालय की अनुशंसा पर हाल ही में उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी का कलकत्ता से पटना उच्च न्यायालय में तबादला किया है। इसको लेकर उन्होंने अपने विदाई समारोह में प्रतिक्रिया दी है। न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि उनका तबादला कार्यपालिका से न्यापालिका में शक्ति परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है। 

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न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि 1975 के आपातकाल के दौरान कार्यपालिका ने विभिन्न उच्च न्यायालयों के 16 न्यायाधीशों का तबादला किया था और 48 साल बाद कॉलेजियम ने 24 न्यायाधीशों का तबादला किया है। वह सोमवार को अपने विदाई समारोह में बोल रहे थे, जहां कलकत्ता उच्च न्यायालय की पीठ के सदस्य मौजूद थे। 

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उन्होंने कहा कि वह कार्यपालिका के हाथों से न्यायपालिका की सर्वोच्च सीट के शक्ति के हस्तांतरण के बदलाव के शुरुआती लोगों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी, 1983 को केंद्र ने फैसला किया था कि उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश राज्य के बाहर से होंगे और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में एक तिहाई राज्य के बाहर से होने चाहिए। न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारा तबादला उस नीति को लागू करने की शुरुआत थी।' 

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उन्होंने आगे कहा कि यह कॉलेजियम की इच्छा थी कि उनका तबादला पटना उच्च न्यायालय में हो। न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि जब उन्हें उच्च न्यायपालिका में पदोन्नत किया गया था, तो वह जानते थे कि संविधान में अनुच्छेद 222 के तहत एक प्रावधान है कि कैसे एक न्यायाधीश का तबादला किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'मैं पूरी विनम्रता से कहूंगा कि न्यायिक फैसले में अनुच्छेद 222 का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस पर बहुत संयम से विचार किया जाना चाहिए।' संविधान का अनुच्छेद 222 मुख्य न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों के एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में तबादले का प्रावधान करता है। 
 

न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि 24 नवंबर को पटना उच्च न्यायालय में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्हें अपने परिवार के लिए व्यवस्था करने के लिए चार दिन की छुट्टी लेनी होगी। उन्होंने आगे कहा, इसलिए मैं उन दिनों (एक न्यायाधीश के रूप में) अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर पाऊंगा। 
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