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बड़ा एलान: भारतीय किसान यूनियन एक अगस्त से यूपी-उत्तराखंड के गांव-गांव में चलाएगी विशेष अभियान
Thu, 08 Jul 2021 10:10 PM IST
सुरेंद्र जोशी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 08 Jul 2021 10:10 PM IST
सार
गांवों में पहुंचकर किसान नेता बताएंगे कृषि कानूनों की सच्चाई, गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने और महंगी बिजली को बनाएंगे मुद्दा।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : amar ujala
विस्तार
भारतीय किसान यूनियन ने एलान किया है कि एक अगस्त से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के गांव-गांव तक विशेष आंदोलन चलाकर किसानों को कृषि कानूनों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान किसान नेता उत्तर प्रदेश में महंगी बिजली को मुद्दा बनाएंगे और सरकार से मांग करेंगे कि वह उन्हें भी सस्ती बिजली प्रदान करे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान गन्ना मूल्य के भुगतान न होने को एक आंदोलन का रूप देंगे और पूरी बकाया रकम का जल्द से जल्द भुगतान किए जाने की मांग करेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन ने गुरूवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वर्तमान आंदोलन को शुरू हुए लगभग आठ महीने हो गए हैं और सरकार के रूख को देखते हुए लगता है कि यह अभी और आगे चलता रहेगा। लेकिन इस दौरान वे रुकेंगे नहीं, और केंद्र सरकार के इन काले कानूनों के बारे में लोगों को जानकारी देते रहेगे।
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11 जुलाई से संपर्क किया जाएगा
किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि इस विशेष अभियान के लिए किसान 11 जुलाई से प्रदेश के सभी 18 खंडों में ब्लॉक-जिला स्तर पर काम कर रहे किसान नेताओं से संपर्क किया जाएगा। उन्हें उन मुद्दों को बताया जाएगा जिन्हें कि उठाया जाना है। इसके बाद एक अगस्त से इसे पूरे राज्य में चलाया जाएगा।
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भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन स्थल तक लोगों को आने से रोका जा रहा है। पूर्वांचल से जो लोग किसान आंदोलन में अपना पैसा चुकाकर भी आना चाहते हैं, उन्हें भी आंदोलन स्थल तक आने से रोका जा रहा है, लेकिन वे अपने आंदोलन को स्थगित करने या रोकने के लिए तैयार नहीं हैं। इसे जिन उद्देश्यों को लेकर शुरू किया गया था, उन्हें हासिल करके ही वे घर जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार के साथ किसान संगठनों की कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन गतिरोध कायम है। किसान संगठन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं, जबकि इस सरकार इससे पीछे हटने को तैयार नहीं है।