बीदर स्कूल केस: राजद्रोह कानून के दुरुपयोग को लेकर दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के बीदर स्कूल मामले में दर्ज राजद्रोह के आरोपों को रदद् करने को लेकर दायर याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। बता दें कि बीदर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ एक नाटक के लिए स्कूल प्रशासन, शिक्षक और माता-पिता के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था।
बता दें कि इस याचिका में सरकारी तंत्र द्वारा राजद्रोह कानून के कथित दुरुपयोग के निपटने के लिए उचित प्रणाली बनाने का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अगुवाई वाली पीठ ने एक सामाजिक कार्यकर्ता की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता उचित प्राधिकार के पास जा सकते हैं।
कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील उत्सव सिंह बैंस से कहा कि वह कथित तौर पर छात्रों को सीएए और एनआरसी के विरोध में नाटक के मंचन की अनुमति देने के लिए कर्नाटक के एक स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ दायर राजद्रोह के मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध नहीं कर सकते।
बैंस ने पीठ से कहा कि वह प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध नहीं कर रहे हैं, और याचिकाकर्ता ने राजद्रोह कानून के कथित दुरुपयोग के निपटने के लिए उचित प्रणाली बनाने का भी अनुरोध किया है। पीठ ने मामले की सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि प्रभावित पक्ष को आने दीजिए और हम उन्हें सुनेंगे। ये आपकी तरफ से क्यों होना चाहिए।
Supreme Court refuses to interfere with PIL, filed by social activist Yogita Bhayana, who sought a direction to quash the sedition charges registered against a school, teacher & parent for a play against CAA in Bidar, Karnataka.
— ANI (@ANI) March 6, 2020