फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BHU VC Girish Chandra Tripathi pushes for appointing sexual harassment convict hospital head

नए विवाद में फंसे BHU वीसी, यौन उत्पीड़न के दोषी को हॉस्पिटल चीफ बनाने के लिए की पैरवी

Wed, 27 Sep 2017 11:31 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 Sep 2017 11:31 AM IST
विज्ञापन
BHU VC Girish Chandra Tripathi pushes for appointing sexual harassment convict hospital head
गिरीश चंद्र त्रिपाठी - फोटो : FILE PHOTO
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में छात्राओं से छेड़खानी वाला विवाद अभी थमा नहीं था कि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का नाम एक नए विवाद में आ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं लेकिन रिटायरमेंट से पहले भी वह विभिन्न डिपार्टमेंट में होने वाली भर्तियों में दखल दे रहे हैं। इसमें एक ऐसे टीचर भी हैं जो कि यौन उत्पीड़न के दोषी पाए जा चुके हैं। उन फैकल्टी को लेने की बात कार्यकारी सदस्यों (ईसी) की मीटिंग में उठी। मीटिंग बुधवार (27 सितंबर) को हुई थी। 
विज्ञापन


विवाद यह है: मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक, जितनी भी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज हैं उनके मुखिया अपनी रिटायरमेंट के दो महीने पहले कोई अपाइंटमेंट नहीं कर सकते। त्रिपाठी 27 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में वह अब दखल नहीं दे सकते। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: छुट्टी पर जाना अपमानजनक होगा, इसके बजाय इस्तीफा देना पसंद करूंगा : बीएचयू कुलपति
विज्ञापन
विज्ञापन


ईसी यूनिवर्सिटी के सभी बड़े फैसले लेती है। सभी डिपार्टमेंट के लिए सिलेक्शन भी यही बॉडी करती है। वीसी ईसी और सिलेक्शन कमेटी दोनों के मुखिया होते हैं।

ईसी मीटिंग में हुआ विरोध

BHU VC Girish Chandra Tripathi pushes for appointing sexual harassment convict hospital head
वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी - फोटो : FILE PHOTO
वीसी ओपी उपाध्याय को सर सुंदरलाल हॉस्पिटल का मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बनाना चाहते हैं। लेकिन ईसी के सदस्यों ने इसका यह कहकर विरोध किया कि फिजी के एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में उपाध्याय को यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया था। उपाध्याय फिलहाल एक्टिंग मेडिकल सुपरिंटेंडेंट हैं। अपनी सफाई में उन्होंने इसको जबरन उगाही का मामला बताया। जिसको गलत तरीके से पेश किया गया।

फिलहाल उपाध्याय को परमानेंट नहीं किया गया है। बाकी जिन लोगों के नामों को ईसी के सामने पेश किया गया उनका नाम क्लीयर कर दिया गया है। वीसी ने कहा कि ईसी में नियुक्ति की बात उठना काफी सामान्य सी बात थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed