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भीमा कोरेगांव मामला: वरवरा राव को जेल में आया चक्कर, मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती
Tue, 14 Jul 2020 11:04 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 14 Jul 2020 11:04 AM IST
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वरवरा राव (फाइल फोटो)
भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी वरवरा राव को तलोजा जेल में चक्कर आने की शिकायत के बाद कल रात मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राव मुंबई के बाहरी इलाके की तलोजा जेल में बंद हैं उन्हे भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में राव 11 अन्य राजनीतिक कैदियों में से एक हैं। उन पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित माओवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे। आलोचकों का कहना है कि राव, एक प्रसिद्ध तेलुगु बुद्धिजीवी, कवि और प्रोफेसर हैं, और मौजूदा राजनीतिक सत्ता के आलोचक होने के कारण उन पर जुल्म किया जा रहा हैं।
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यह भी पढ़ें: भीमा कोरेगांव हिंसा में पुणे पुलिस ने किया एफबीआई की मदद लेने का फैसला
इससे पहले, राव ने जमानत के लिए सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 80 वर्षीय राव ने कोर्ट को बताया कि उनकी तबीयत खराब हो रही है और उन्हें कोरोना संक्रमण का भी खतरा है। इसके अलावा राव ने कोर्ट से जेल प्रशासन को उनका मेडिकल रिकॉर्ड भी पेश करने का निर्देश देने की मांग की।
राव ने अपने वकील आर सत्यनारायण अय्यर के जरिए दो याचिकाएं दाखिल की। पहली में 26 जून को विशेष एनआईए अदालत द्वारा उनकी जमानत को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई और दूसरे में तलोजा जेल से मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश देने की मांग की। राव पिछले दो साल से जेल में बंद हैं।
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Bhima Koregaon Case: Accused Varavara Rao admitted to JJ Hospital in Mumbai last night, after he complained of dizziness in Taloja Prison.
— ANI (@ANI) July 14, 2020
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इस मामले में राव 11 अन्य राजनीतिक कैदियों में से एक हैं। उन पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित माओवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे। आलोचकों का कहना है कि राव, एक प्रसिद्ध तेलुगु बुद्धिजीवी, कवि और प्रोफेसर हैं, और मौजूदा राजनीतिक सत्ता के आलोचक होने के कारण उन पर जुल्म किया जा रहा हैं।
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इससे पहले, राव ने जमानत के लिए सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 80 वर्षीय राव ने कोर्ट को बताया कि उनकी तबीयत खराब हो रही है और उन्हें कोरोना संक्रमण का भी खतरा है। इसके अलावा राव ने कोर्ट से जेल प्रशासन को उनका मेडिकल रिकॉर्ड भी पेश करने का निर्देश देने की मांग की।
राव ने अपने वकील आर सत्यनारायण अय्यर के जरिए दो याचिकाएं दाखिल की। पहली में 26 जून को विशेष एनआईए अदालत द्वारा उनकी जमानत को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई और दूसरे में तलोजा जेल से मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश देने की मांग की। राव पिछले दो साल से जेल में बंद हैं।