फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bheem rao ambedkar's 125th birth anniversary turned in political Heritage

सियासी अखाड़े में बदली अंबेडकर की 125वीं जयंती

Thu, 14 Apr 2016 09:51 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 14 Apr 2016 09:51 PM IST
विज्ञापन
bheem rao ambedkar's 125th birth anniversary turned in political Heritage
- फोटो : PTI
दलित बिरादरी को साधने के लिए सियासी दलों के बीच मची होड़ के कारण संविधान निर्माता भीम राव अंबेडकर की 125वीं जयंती सियासी अखाड़े में तब्दील हो गई। भाजपा और मोदी सरकार ने जहां मुख्य रूप से कांग्रेस को निशाने पर लिया, वहीं कांग्रेस, बसपा, आप समेत अन्य विपक्षी दलों के निशाने पर सरकार और भाजपा रही। अंबेडकर की जन्म स्थल महू में प्रधानमंत्री ने अंबेडकर का उचित सम्मान न करने के लिए जहां कांग्रेस को पश्चाताप करने की नसीहत दी, वहीं कांग्रेस ने कथित तौर पर भाजपा शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ बढ़े अत्याचार के मामले में सरकार को घेरा।
विज्ञापन


इस दौरान कांग्रेस ने संसद भवन परिसर में श्रद्घांजलि सभा में पीएम मोदी की अनुपस्थिति का सवाल उठाया तो विपक्ष ने जयंती के ही दिन दलित छात्र रोहित वेमुला की मां और भाई का हिंदू धर्म छोड़ कर बौद्घ धर्म की दीक्षा लेने के मामले में भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा और मोदी सरकार को दलित विरोधी करार दिया तो आम आदमी पार्टी ने गुड़गांव का नाम बदल कर द्रोणाचार्य के नाम पर गुरूग्राम रखने के फैसले को दलितों का अपमान करार दिया।
विज्ञापन

जयंती पर एक दूसरे पर हमले की शुरुआत संसद भवन परिसर में अंबेडकर को दिए जाने वाले श्रद्घांजलि कार्यक्रम से ही शुरू हो गई। कांग्रेस के पूर्व सांसद ने कार्यक्रम में मोदी की अनुपस्थिति पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि प्रधानमंत्री कार्यक्रम में मौजूद नहीं हैं, जबकि पहली बार संयुक्त राष्ट्र भी अंबेडकर की जयंती मना रहा है। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि महज एक परिवार के महिमामंडन तक सीमित रही कांग्रेस ने कभी बाबा साहेब का सम्मान नहीं किया।

विज्ञापन
विज्ञापन


शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने आते ही अंबेडकर के योगदान को स्वीकार करते हुए उनसे जुड़े पांच स्थलों को पंचतीर्थ घोषित किया। दलित केंद्रित योजनाएं बनाई। उन्होंने कहा कि पीएम अंबेडकर के जन्म स्थल पर थे, ऐसे में संसद भवन परिसर में उनकी अनुपस्थिति पर कांग्रेस को राजनीति से बाज आना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed