Bharat Ratna 2024: चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न, पश्चिमी यूपी का किला फतह! दक्षिण के मोर्चे पर भी नजर
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विस्तार
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का एलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देना रालोद नेता जयंत सिंह चौधरी को अपने पाले में लाने की बड़ी रणनीति हो सकती है। रालोद अपने नेता के लिए लगातार भारत रत्न देने की मांग कर रही थी। कहा जा रहा है कि दोनों दलों के बीच जयंत तो एनडीए खेमे में लाने के लिए चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की भी एक शर्त रखी गई थी, जिसे भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया था।
इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के बड़े नेता कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की भी घोषणा की थी। पिछड़े-दलितों के बड़े नेता कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा के तुरंत बाद ही बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था। नीतीश कुमार ने इस घोषणा के बाद ही भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन एनडीए में वापसी करने की घोषणा की थी। भाजपा को इसका बिहार में चुनावी लाभ मिल सकता है। अब चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा कर भाजपा ने पश्चिम के किले को अभेद्य बनाने की कोशिश की है। ध्यान देने की बात है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिम में ही सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
दक्षिण को भी साधने की कोशिश
पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भी भारत रत्न देने की घोषणा की है। वे दक्षिण भारत से आते हैं। जिस तरह भाजपा लगातार दक्षिण भारत की राजनीति पर अपना ध्यान केंद्रित करती रही है, माना जा रहा है कि नरसिम्हा राव को भारत रत्न देकर भी केंद्र ने अपने मिशन साउथ को मजबूती देने का काम किया है।
चूंकि वे कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में शामिल थे, लेकिन कहा जाता है कि कांग्रेस ने उन्हें पूरा सम्मान नहीं दिया, यह कांग्रेस को भी असहज करने की रणनीति हो सकती है। भाजपा को इससे तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में लाभ मिल सकता है। वह यह दावे कर सकती है कि दक्षिण के जिस बड़े नेता का कांग्रेस ने सम्मान नहीं किया, भाजपा ने उन्हें भी पूरा सम्मान देने की कोशिश की है। एनडीए को इससे लाभ हो सकता है।
किसान वैज्ञानिक को भी भारत रत्न
चौधरी चरण सिंह के साथ-साथ किसानों के बड़े शुभचिंतक एमएस स्वामीनाथन को भी भारत रत्न देने की घोषणा की गई है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के मामले में स्वामीनाथन का अध्ययन आज भी सरकारों को दिशा दिखाने के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु माना जाता है। स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा कर भी केंद्र सरकार ने किसानों का दिल जीतने की कोशिश की है।