Bharat Nyay Yatra: क्या राहुल संग अखिलेश, ममता, नीतीश और लालू भी करेंगे कदमताल? कांग्रेस का बड़ा सियासी दांव
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विस्तार
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का पूरा रूट तैयार हो गया है। 14 जनवरी से शुरू होने वाली यह यात्रा मणिपुर से शुरू होकर महाराष्ट्र तक जाएगी। 6713 किलोमीटर की राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान वह सभी प्रमुख राज्य भी शामिल हैं, जहां के बड़े सियासी दल इंडिया गठबंधन का अहम हिस्सा हैं। इस यात्रा के दौरान कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन की मजबूती के लिहाज से एक बड़ा सियासी दांव भी खेला है। राहुल गांधी की इस यात्रा में शामिल होने के लिए गठबंधन के सभी प्रमुख सियासी दलों को आमंत्रित किया है। सियासी गलियारों में अब चर्चा इस बात की होने लगी है कि क्या ममता बनर्जी से लेकर नीतीश कुमार और लालू यादव से लेकर अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता भी राहुल गांधी की इस भारत जोड़ो न्याय यात्रा का हिस्सा बनकर उनके साथ कदमताल करेंगे या नहीं।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो ने यात्रा को लेकर गुरुवार को एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस दौरान राहुल गांधी की इस यात्रा का पूरा रोड मैप तैयार किया गया। इसके अलावा प्रत्येक राज्य से गुजरने वाली इस यात्रा के दिन, किलोमीटर, जिले, विधानसभा क्षेत्र और लोकसभा क्षेत्र तक तय किए गए। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बताया कि पूरी यात्रा 15 राज्यों से होकर गुजरेगी। इस दौरान सभी राज्यों के 110 जिले कवर किए जाएंगे। जिसमें 100 लोकसभा सीटें और 337 विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। जयराम रमेश कहते हैं कि उनकी पार्टी के बड़े नेता 14 जनवरी को यात्रा के शुभारंभ पर इंफाल में मौजूद रहेंगे। उसके बाद यह यात्रा इंफाल से शुरू होकर महाराष्ट्र में खत्म होगी।
कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में गठबंधन के सभी दलों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। जयराम रमेश के इस निमंत्रण के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं इस बात की सबसे ज्यादा होने लगी हैं कि क्या वास्तव में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में वह सभी राजनीतिक दल शिरकत करेंगे, जो INDI गठबंधन का हिस्सा हैं। दरअसल गांधी की यात्रा शुरू तो पूर्वोत्तर से हो रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल के बाद वह जिन राज्यों में होकर गुजर रही है, वह सियासी नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण राज्य माने जाते हैं। इन राज्यों के बड़े सियासी दल, INDI गठबंधन का हिस्सा हैं। जैसे पश्चिम बंगाल में वामदल के साथ ममता बनर्जी भी शामिल हैं, वहीं बिहार में राजद और जेडीयू भी गठबंधन का हिस्सा हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी गठबंधन का हिस्सा है और कांग्रेस पार्टी के लिहाज से उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण राज्य माना जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में विपक्षी दलों को शामिल किए जाने के निमंत्रण पर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने यह बड़ा सियासी दांव खेला है। राजनीतिक जानकार बृजेंद्र शुक्ला कहते हैं कि अगर कांग्रेस के निमंत्रण पर इन राज्यों के बड़े दलों के सभी प्रमुख नेता राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होते हैं, तो निश्चित तौर पर गठबंधन की मजबूती का एक संदेश जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी की यात्रा में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे दिग्गज नेता शामिल होते हैं या नहीं। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश कहते हैं कि उनकी ओर से सभी दलों के नेताओं को राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है। उनकी पार्टी अपने स्तर पर किसी भी तरीके से गठबंधन को मजबूत करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ने वाली है।
हालांकि सियासी जानकारों का कहना है कि राहुल गांधी की पहली भारत जोड़ो यात्रा में विपक्षी दलों के नेता जुड़े थे। चूंकि लोकसभा चुनावों के नजदीक होने से विपक्षी दलों को मजबूती दिखाने का एक बड़ा मौका भी मिल रहा है। ऐसे में सभी विपक्षी दल अगर एकजुट होकर भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ जुड़ते हैं, तो निश्चित तौर पर यह एक फायदे का सौदा साबित हो सकता है। वरिष्ठ पत्रकार सुधांशु राय कहते हैं कि देखने वाली बात यही है कि क्या पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की यात्रा में वामदल के बड़े नेता और ममता बनर्जी जैसी कद्दावर नेता राहुल गांधी के साथ कदमताल करेंगी या नहीं। सुधांशु कहते हैं कि जो स्थितियां पश्चिम बंगाल में हैं, वही उत्तर प्रदेश में भी नजर आ रही हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच में सीटों को लेकर फिलहाल तो अभी कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन जब तक यात्रा उत्तर प्रदेश में पहुंचेगी, तब तक संभवतया सीटों के बंटवारे पर फैसला हो चुका होगा। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण हो जाता है क्या राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में उनकी यात्रा के साथ कदमताल करते हैं या नहीं।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 14 फरवरी से इंफाल में शुरू हो रही है। पार्टी प्रवक्ता के मुताबिक दोपहर साढ़े बारह बजे इंफाल से यह यात्रा रवाना होगी। जानकारी के मुताबिक मणिपुर में राहुल गांधी की शुरू होने वाली यह यात्रा चार जिलों से होते हुए 107 किलोमीटर का सफर करेगी। उसके बाद यह यात्रा नागालैंड में दो दिन के भीतर 257 किलोमीटर का सफर करते हुए पांच जिले तय करेगी। यहां से राहुल गांधी की यात्रा असम में 833 किलोमीटर का सफर 8 दिन के भीतर तय करते हुए 17 जिले कवर करेगी। अरुणाचल प्रदेश में 1 दिन के भीतर एक जिले के साथ 55 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। जबकि मेघालय में भी एक जिले के साथ एक दिन में 5 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में 5 दिन के लिए पहुंचेंगे। बंगाल में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 7 जिलों से गुजरते हुए 523 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश बताते हैं कि पश्चिम बंगाल के बाद बिहार में चार दिन राहुल गांधी की यात्रा 7 जिलों से होते हुए 425 किलोमीटर का सफर तय कर झारखंड पहुंचेगी। झारखंड में 804 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 8 दिनों में 13 जिलों में राहुल गांधी पहुंचेंगे। ओडिशा में 341 किलोमीटर यात्रा चार दिनों में चार जिलों से गुजरेगी। छत्तीसगढ़ में 536 किलोमीटर की यात्रा पांच दिनों की होगी। राहुल गांधी सात जिलों से होकर अपनी यात्रा को निकालेंगे। छत्तीसगढ़ के बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों से होते हुए 1074 किलोमीटर की यात्रा 11 दिन में पूरी कर मध्यप्रदेश में दाखिल होंगे। राजस्थान में 128 किलोमीटर की यात्रा 1 दिन में दो जिले को कवर करती हुई गुजरात पहुंचेगी। गुजरात में 5 दिन रहते हुए 7 जिलों को कवर कर 445 किलोमीटर का सफर राहुल गांधी तय करेंगे। जयराम रमेश बताते हैं कि इसके बाद महाराष्ट्र में 400 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 5 दिनों में 6 जिलों में पहुंचा जाएगा।