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Bengaluru Water Crisis: 400 से अधिक परिवारों पर लगा 20 लाख रुपये जुर्माना, ऐसे कर रहे थे पेयजल की बर्बादी
Thu, 11 Apr 2024 04:55 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Thu, 11 Apr 2024 04:55 PM IST
सार
Bengaluru Water Crisis: बेंगलूरू में जल संकट के बीच 400 से अधिक परिवारों से 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। ये परिवार बागवानी और गाड़ियां धोने के लिए पीने के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे।
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बंगलूरू में पानी की किल्लत
- फोटो : ANI
विस्तार
बेंगलूरू में जल संकट गहरा रहा है लेकिन शायद लोग इस तरफ गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब बेंगलूरू जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) ने शहर के 407 परिवार पर 20 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। बताया गया है कि इन परिवारों द्वारा पीने के पानी का इस्तेमाल गाड़ियां धोने और बागवानी के लिए किया जा रहा था। बोर्ड द्वारा इन परिवारों से कुल 20.3 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
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बेंगलूरू में पेयजल का इस्तेमाल इन कामों में नहीं कर सकते
बता दें कि कि 10 मार्च से बेंगलुरु शहर में नया नियम शुरू किया गया था। इसके तहत किसी भी परिवार द्वारा पीने के पानी का उपयोग अन्य गतिविधियों पर करने पर 5000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। अगर उपयोगकर्ता द्वारा यह साबित किया जाता है कि पानी को पुनर्चक्रित किया गया है, तो उसे जुर्माना नहीं देना होगा। अपराध दोहराने पर 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाता है। शहर में पानी की किल्लत के कारण बोर्ड ने 10 मार्च से वाहन धोने, बागवानी, स्विमिंग पूल भरने और निर्माण जैसी गतिविधियों के लिए पीने योग्य पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। लोगों से ऐसे उद्देश्यों की पूर्ति के लिए के लिए उपचारित पानी का उपयोग करने को कहा गया है।
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शहर में बीडब्ल्यूएसएसबी की कार्रवाई जारी
बीडब्ल्यूएसएसबी के एक अधिकारी का कहना है कि बोर्ड ने 9 अप्रैल तक 407 लोगों पर जुर्माना लगाया है और नियम तोड़ने वालों से अब तक 20.3 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया है। बोर्ड के अधिकारी पीने योग्य पानी के अनुचित उपयोग के संबंध में लगातार अलर्ट जारी करते हुए कार्रवाईयां भी कर रहे हैं। बोर्ड के मुख्य अभियंता सुरेश बी का कहना है कि जनता भी उन परिवारों के बारे में बोर्ड को जानकारी दे रही है जो बागवानी या वाहनों की सफाई के लिए पीने योग्य पानी का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसी को वाहन साफ करते हुए देखने पर तुरंत जुर्माना नहीं वसूला जाता, बल्कि पहले यह पूछा कि पानी का स्रोत क्या है। अगर संबंधित व्यक्ति पेयजल का इस्तेमाल कर रहा है, तभी जुर्माना वसूला जाता है।
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बेंगलूरू में गहराता जा रहा जल संकट
बेंगलुरु जल संकट की वजह से शहर में रहना पहले से भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। अल नीनो प्रभाव के कारण 2023 में कम वर्षा हुई और इस वजह से भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। शहर और उसके आसपास के कई बोरवेल सूख गए हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आवास में भी टैंकरों से पानी की आपूर्ति हो रही है।