बंगलूरू : जयललिता की सहेली शशिकला जेल से रिहा, अन्नाद्रमुक में करेंगी वापसी या राजनीति से लेंगी विराम?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) की बर्खास्त नेता वी के शशिकला आज (27 जनवरी) रिहा हो गई हैं। उन्हें साल 2017 में 66 करोड़ के आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार सालों की सजा सुनाई गई थी। उनकी संबंधी जे इलावारसी को भी सजा मिली थी। बंगलूरू के परप्पना अग्रहरा जेल में बंद शशिकला तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता जे जयललिता की करीबी रही हैं। जयललिता के दत्तक बेटे वीएन सुधाकरण को भी एक मामले में सजा सुनाई गई थी।
कोरोना संक्रमित हुईं शशिकला
बता दें, वी के शशिकला 20 जनवरी को कोरोना संक्रमित हो गई थीं। फिलहाल उनका बंगलूरू के विक्टोरिया अस्पताल में इलाज जारी है। बंगलूरू मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट ने उनकी मेडिकल बुलेटिन जारी कर जानकारी दी है कि उनकी सेहत में सुधार है। उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरन ने ट्वीट कर बताया है कि शशिकला को अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी बाद में दी जाएगी। दिनाकरण अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके) के संस्थापक हैं, और शशिकला के भतीजे हैं।
राजनीति में वापसी के विकल्प कम
जब शशिकला जेल में थीं तब इन चार सालों में काफी कुछ बदल गया। विद्रोही नेता ओ पन्नीरसेल्वम, जिन्हें शशिकला ने जेल जाने से पहले मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था, अन्नाद्रमुक में वापस आ गए हैं। ऐसे में सभी के जेहन में सवाल है कि अब जेल से रिहा होने के बाद शशिकला क्या करेंगी? देखा जाए तो अब उनके पास विकल्प की कमी है।
बचे विकल्पों पर नजर
- शशिकला के पास पहले और एक स्पष्ट विकल्प यही है कि वह पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम से हाथ मिला लें और फिर से अन्नाद्रमुक में शामिल हो जाएं।
- दूसरा विकल्प यह हो सकता है कि वह अन्नाद्रमुक में शामिल होने के साथ ही अपने भतीजे टीटीवी दिनाकरन की पार्टी एएमएमके के साथ गठबंधन कर लें। इस फैसले से एएमएमके को जीवित रखने में मदद तो मिलेगी ही साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक को मजबूत सहयोगियों के साथ एक शक्तिशाली विपक्ष के रूप में बढ़त मिल सकती है।
- शशिकला के पास एक और विकल्प है कि वह राजनीति में न लौटें। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि शशिकला स्वास्थ्य कारणों की वजह से राजनीति में वापसी नहीं करेंगी।