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बंगलूरू-मैसूर रेल मार्ग ने पास किया ‘ग्लास फुल ऑफ वाटर टेस्ट’
Sun, 01 Nov 2020 03:25 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 01 Nov 2020 03:25 AM IST
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रेल मंत्री पीयूष गोयल
- फोटो : अमर उजाला
यात्रियों को आरामदेह और बिना हिचकोले वाली रेल यात्रा के मानक पर बंगलूरू-मैसूर रेल मार्ग पूरी तरह खरा उतरा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, इस रेल मार्ग पर हाई स्पीड ट्रेन ने एक कोच में टेबल पर रखे गए पूरी तरह भरे गिलास से पानी की एक बूंद भी बाहर छलकाए बिना पूरा सफर तय करने की परीक्षा पास कर ली है।
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रेल मंत्री ने इस ‘ग्लास फुल ऑफ वाटर टेस्ट’ के बारे में शुक्रवार रात को एक ट्वीट के जरिये जानकारी दी। अपने ट्वीट में रेल मंत्री ने एक वीडियो भी अटैच किया था। इस वीडियो में पानी से भरे गिलास को मेज पर रखा दिखाया गया था और पूरे सफर के दौरान उससे एक बूंद भी बाहर नहीं छलकी थी।
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उन्होंने लिखा, यात्रा इतनी आरामदेह रही कि गिलास से बाहर पानी की एक बूंद तक नहीं छलकी, जबकि ट्रेन पूरी तेज गति से दौड़ रही थी। कर्नाटक में बंगलूरू-मैसूर रेल मार्ग पर हाल ही में बड़े पैमाने पर मेंटिनेंस अभियान चलाया गया था और इसका परिणाम सबके सामने है।
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एक महिला रेलवे अधिकारी ने कहा, पिछले छह महीने के दौरान करीब 130 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 40 करोड़ रुपये की लागत से काम किया गया था। इस दौरान गिट्टी डालने, पटरियों की मरम्मत करने और तटबंध मजबूत करने जैसे काम किए गए थे।