Karnataka: नाबालिग ने किया जबरन छत पर ले जाने का झूठा दावा, हाउसिंग सोसायटी के लोगों ने डिलीवरी एजेंट को पीटा
घटना के बाद डिलीवरी एजेंट ने कथित तौर पर छुट्टी ले ली है और व्यक्तिगत कारणों से शहर छोड़ने की योजना बना रहा है। जिस फूड टेक कंपनी के लिए व्यक्ति काम करता था, उसने तत्काल पुष्टि नहीं की है।
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बेंगलुरु के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से अजीबोगरीब मामला सामने आया है । यहां के निवासियों ने फूड डिलीवरी करने वाले की कथित तौर पर पिटाई कर दी। दरअसल, एक नाबालिग लड़की ने झूठा दावा किया था कि वह उसे जबरन इमारत की छत पर ले गया था। खबरों के मुताबिक यह घटना 12 जून को हुई।
सीसीटीवी फुटेज में झूठा निकला नाबालिग का दावा
खबरों के मुताबिक, घटना करीब एक सप्ताह पहले इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी इलाके में इत्तिना महावीर हाउसिंग कॉम्पलेक्स में हुई। नाबालिग (आठ वर्षीय) ने अपने माता-पिता को बताया था कि व्यक्ति उसे जबरन इमारत की छत पर ले गया था और उसने उसके हाथ को काटा और भाग निकल आई। इसके बाद कॉम्प्लेक्स के निवासियों डिलीवरी करने वाले शख्स पर हमला किया। हालांकि, जब पुलिस पहुंची और सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि नाबालिग ने घटना के बारे में झूठ बोला था।
मेरा भी एक बच्चा है, माता-पिता की चिंताओं को समझता हूं..
घटना के बाद डिलीवरी एजेंट ने कथित तौर पर छुट्टी ले ली है और व्यक्तिगत कारणों से शहर छोड़ने की योजना बना रहा है। जिस फूड टेक कंपनी के लिए व्यक्ति काम करता था, उसने तत्काल पुष्टि नहीं की है। व्यक्ति ने नाबालिग के माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कराने से भी इनकार किया है। उसने कहा, मेरा भी एक बच्चा है, इसलिए मैं माता-पिता की चिंताओं को समझता हूं। लेकिन मुझे नहीं पता कि लड़की ने मेरे पर आरोप क्यों लगाए।
छत पर भटक गई थी बच्ची, डर की वजह से बोला झूठ
खबरों के मुताबिक, बच्ची के माता पिता जब उसके छोटे भाई को स्कूल छोड़ रहे थे तो वह छत पर भटक गई। जब माता-पिता लौटे और दरवाजा बाहर से बंद पाया तो उन्होंने अपनी बच्ची की तलाश शुरू की। बाद में एक पड़ोसी ने बच्ची को छत पर खेलते पाया और डांटे जाने के डर से उसने झूठा दावा किया कि एक अजनबी व्यक्ति उसे वहा ले गया। इसके बाद माता-पिता ने सुरक्षा कर्मचारियों से संपर्क किया, जिसके बाद डिलीवरी एजेंट पर हमला हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। माता-पिता की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बयान दर्ज किए। सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने पर उन्होंने पाया कि डिलीवरी एजेंट उस समय रेस्तरां में था। इसके बाद पुलिस ने देर रात व्यक्ति को रिहा कर दिया।